पैसे के लालच में की थी पति व मासूम बेटे की हत्या
हत्या में पत्नी, ससुर, सास और साली गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
गोंडा। उमरीबेगमगंज थाने के सोनौली मोहम्मदपुर गांव की रहने वाली महिला ने पैसे के लालच में न सिर्फ पति पत्नी के रिश्ते को कलंकित कर दिया बल्कि मां की ममता को भी शर्मसार कर दिया। ससुर को कर्जे के तौर पर दिए गए एक लाख रुपये की वापसी की मांग युवक को मंहगी पड़ गई। बाप से रुपये की मांग पत्नी को नागवार गुजरी तो उसने अपने मां बाप व बहन के साथ मिलकर अपने पति व डेढ़ साल के मासूम बेटे की गला घोंटकर हत्या कर दी। हत्या को छिपाने के लिए पति के शव को घर के बाहर फंसी के फंदे से लटका दिया। इस दोहरे हत्याकांड का बुधवार को पुलिस अधीक्षक ने खुलासा करते हुए मृतक की पत्नी, ससुर, सास व साली को गिरफ्तार कर लिया।
तरबगंज थाना क्षेत्र के रहने वाला सोभनाथ 18 जुलाई को अपनी पत्नी को विदा कराने के लिए उमरीबेगमगंज थाना क्षेत्र स्थित अपनी ससुराल सोनौली मोहम्मदपुर गांव गया था। रात में ही उसके डेढ़ साल के मासूम बेटे सुमित व उसकी हत्या हो गई थी। हत्या को छिपाने के लिए उसके शव को घर के बाहर एक पेड़ पर दुपट्टे के सहारे लटका दिया गया था। 19 जुलाई को उसका शव लटकता पाया गया था। इस मामले में शोभनाथ के ससुर ने उसके ऊपर ही अपने मासूब बेटे की हत्या कर खुद आत्महत्या किए जाने की रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई थी। पुलिस ने भी इसे आत्महत्या मानकर रिपोर्ट दर्ज कर ली थी लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर बाप बेटे की मौत होने की पुष्टि के बाद शोभनाथ की पत्नी व उसके परिजन शक के दायरे में आ गए। मामले के विवेचक मनोज कुमार राय ने जब शोभनाथ की पत्नी व उसके परिजनों को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की तो सभी टूट गए और शोभनाथ व डेढ़ साल के मासूम सुमित की गला दबाकर हत्या किए जाने की बात कबूल कर ली। पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार सिंह ने बुधवार को इसका खुलासा करते हुए बताया कि शोभनाथ के ससुर रामू ने उससे एक लाख रुपये उधार लिए थे। शोभनाथ इस रुपये को वापस मांग रहा था। इसके अलावा वह अपनी पत्नी नीलम के बदचलनी से भी बहुत परेशान था और उसे तलाक देकर अपने बेटे को अपने साथ ले जाना चाहता था। इन्ही सब बातों से नाराज उसकी पत्नी नीलम व उसके परिजनों ने उसकी हत्या करने की ठान ली और 18 जुलाई को उसे अपने घर बुला लिया। रात में पत्नी नीलम ने पहले अपने डेढ़ साल के मासूम बेटे सुमित का गला दबाया और फिर अपने बाप रामू, मां राम दुलारी व बहन अनीता के साथ मिलकर शोभनाथ की भी गला दबाकर हत्या कर दी। मामले को छिपाने के लिए आरोपियों ने शोभनाथ के शव को दुपट्टे के सहारे लटका दिया और सुमित की हत्या का आरोप उसके सिर मढ़ दिया।