6 इंच धंसा संजय सेतु, आवागमन ठप, लगी कतार
गोंडा। घाघरा नदी पर स्थित संजय सेतु के पिलर नंबर पांच का दाहिना हिस्सा मंगलवार भोर में चार इंच धसक गया। इससे अफरा-तफरी मच गई। पुल पर वाहनों का आवागमन रोक दिया गया। लोक निर्माण विभाग व राष्ट्रीय राजमार्ग की टीम ने पहुंचकर मुआयना किया है।
पुल की बेयरिंग क्षतिग्रस्त होने से समस्या उत्पन्न होने का पता चला। दोपहर तक आवागमन ठप रहा। इससे वाहनों की कतारें लगी रहीं। दोपहर बाद वाहनों को पुल से रवाना करने की शुरुआत हुई। लेकिन एहतिआत बरता जा रहा है।
भारी वाहनों को दूसरे रूट पर डायवर्ट कर दिया गया है। मौके पर बाराबंकी और बहराइच के पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद हैं। क्रेन तथा जेसीबी से मरम्मत शुरू कर दी गई है।
पुल धंसने के कारण गोंडा होकर चलने वाली गोंडा डिपो की डेढ़ दर्जन तो अन्य डिपो की 40 से ऊपर बसें घंटों भंभुआ, जरवलरोड से लेकर घाघराघाट पुल के बीच पर फंसी रहीं। हालांकि 7 से 8 घंटों तक जाम में फंसे रहने के बाद बदले हुए रूट से रोडवेज की बसें गोंडा और लखनऊ तो पहुंची, जिसका इसका खामियाजा 6 हजार से ऊपर रोडवेज यात्रियों को अपना कीमती समय और रोडवेज को अधिक किराया चुकाकर भुगतना पड़ा।
उधर सुबह 6 बजे से बंद चल रहे घाघराघाट पुल का आवागमन शाम 4 बजे फिलहाल के लिए 10 घंटो बाद रोडवेज की बसों व अन्य छोटे वाहनों के लिए खोल दिया गया है। गोंडा डिपो ने रोडवेज की लखनऊ से आने व लखनऊ जाने वाली अपनी बसों का ट्रैफिक वाया फैजाबाद होते हुए डायवर्ट कर दिया है। जिससे रोडवेज के यात्रियों को तीन घंटे अधिक समय के साथ 104 रुपये का अतिरिक्त किराया वहन करना पड़ेगा।
पुल का ट्रैफिक बंद होते ही रोडवेज में मची अफरा-तफरी
घाघराघाट पुल के 6 इंच धंसने की खबर जैसे ही पुल का ट्रैफिक बंद होने से गोंडा पहुंची कि रोडवेज डिपो में अफरा-तफरी मच गई। जिसके बाद रोडवेज बस व अपने खुद के छोटे वाहन से सफर करने वाले तमाम यात्रियों ने बजाए घाघराघाट पुल से होकर लखनऊ जाने का अपना प्लान निरस्त कर दिया और बदले हुए रूट से लखनऊ पहुंचे।
जबकि गोंडा से फैजाबाद होकर लखनऊ जाने वाले यात्रियों की भीड़ फैजाबाद से होकर जाने वाली बसों में भर गई। इसके अलावा गोंडा व अन्य डिपो की दर्जन भर से ऊपर बसें रोडवेज प्रबंधन से मिलने वाले अगले निर्देशों के चलते डिपो में खड़ी कर दी गई। करनैलगंज में फंसे वाहनों को परसपुर-नवाबगंज के रास्ते फैजाबाद की ओर भेेजा गया। तमाम यात्री करनैलगंज, गोंडा व जरवलरोड पर रुक कर ट्रेनों का इंतजार करते रहे।
91 किलोमीटर दूरी बढ़ने से 104 रुपया बढ़ा किराया
मंगलवार को घाघराघाट पुल से होकर रोडवेज बसों का आवागमन बंद होने के 5 घंटे भीतर ही रोडवेज ने गोंडा से लखनऊ और लखनऊ से गोंडा आने-जाने वाली बसों के किराए में 104 रुपये की बढ़ोत्तरी कर दी।
पहले गोंडा के लोग 126 रुपये में वाया घाघराघाट का पुल होते हुए 121 की दूरी तय करके लखनऊ पहुंच जाते थे। लेकिन जैसे ही घाघराघाट पुल से होकर रोडवेज बसों का आवागमन प्रतिबंधित किया गया। रोडवेज ने फैजाबाद से घूमकर आने-जाने वाली बसों की दूरी में 91 किलोमीटर की अतिरिक्त होने वाली बढ़ोत्तरी के क्रम में लखनऊ का किराया 104 रुपये बढ़ा दिया।
100 साल होती उम्र, तीन साल पर बेयरिंग की होती मरम्मत
अधिशासी अभियंता राजीव कुमार ने बताया कि पुल में बेयरिंग और स्प्रिंग का अहम रोल होता है। इससे वाहनों के निकलने पर पुल सुरक्षित रहता है। एक पुल की उम्र लगभग 100 साल के आसपास होती है।
वर्ष 1981 में शिलान्यास, 1984 में शुरू हुआ था आवागमन
पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता राजीव कुमार ने बताया कि नौ अप्रैल 1981 को पुल का शिलान्यास तत्कालीन मुख्यमंत्री वीपी सिंह ने किया था। 52 करोड़ की लागत से 900 मीटर लंबे पुल का निर्माण हुआ था। पुल निर्माण में तीन साल का समय लगा था। वर्ष 1984 के जून माह में पुल पर आवागमन शुरू हुआ था।
निगरानी के लिए लगी पीएसी, इंजीनियरों ने संभाला मोर्चा
बहराइच जनपद में घाघरा नदी पर बने एक किलोमीटर लंबे घाघराघाट पुल के मंगलवार सुबह 6 बजे 6 इंच नदी में घंसने की खबर मिलते ही एनएचएआई, पीडब्लूडी व सेतु निगम के दर्जनों इंजीनियर पुल की खराबी को ठीक किए जाने के लिए मौके पर पहुंचने शुरू हो गए। जबकि पुल से होकर कोई वाहन न आने-जाने पाए, इसका मोर्चा पीएसी ने संभाल लिया।
10 घंटे बाद छोटे वाहन व रोडवेज बसों के लिए खोला पुल
मंगलवार सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक घाघराघाट पुल से होने वाला ट्रैफिक बंद रखने के बाद शासन के बड़े अधिकारियों, एनएचएआई, पीडब्लूडी व सेतु निगम के लोगों की मौजूदगी में पुल का आवागमन छोटे वाहनों व रोडवेज बसों के लिए शाम 4 बजे खोल दिया गया। जिससे 10 घंटे तक जाम में फंसे रहने वाले छोटे वाहनों को खासी राहत मिली। हालांकि बड़े व भारी वाहनों का आवागमन अगले 24 घंटों तक बंद रहने का अनुमान है।
घाघराघाट पुल से होकर चलने वाली रोडवेज डिपो की डेढ़ दर्जन से ऊपर बसों का संचालन फिलहाल के लिए वाया फैजाबाद होकर कर दिया गया है। जिसके लिए यात्रियों को 104 रुपए अधिक किराया चुकाना पड़ेगा। पुल की खराबी जैसे ही दूर हो जाती है, बसों का रूट फिर से पहले की तरह घाघराघाट से होकर गोंडा कर दिया जाएगा।
-वीरेंद्र कुमार, एआरएम गोंडा
इनसेट
गोंडा-लखनऊ रोड पर बना घाघराघाट का पुल सेतु निगम से एनएचएआई को ट्रांसफर हो चुका है। जिसकी मरम्मत के लिए इंजीनियरों की पूरी टीम लगी है। शाम 4 बजे पुल का आवागमन फिलहाल के लिए छोटे वाहनों के लिए खोल दिया गया है। जल्दी ही पुल की खराबी को इंजीनियरों की टीम ठीक कर लेगी।
-आरएम गुप्ता, जीएम, सेतु निगम, लखनऊ जोन