मरीज के बेड पर चिपका दी एचआईवी पॉजिटिव की पर्ची
गोंडा। जिला अस्पताल में भर्ती एक एचआईवी संक्रमित मरीज की पहचान उजागर करते हुए किसी अस्पताल कर्मी ने उसके बेड पर एचआईवी पॅाजिटिव की स्लिप लगा दी।
मामले के तूल पकड़ने के बाद अब स्वास्थ्य कर्मी लीपापोती में जुट गए हैं। उधर जानकारी मिलने पर प्रकरण को संवेदनशील मानते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संतोष कुमार श्रीवास्तव ने टीम गठित कर इसकी जांच के आदेश दिये हैं।
बाबू ईश्वर शरण सिंह स्मारक जिला चिकित्सालय में एक दिव्यांग मरीज पैर में चोट लगने की वजह से भर्ती कराया गया था। बताया जाता है कि वह एचआईवी संक्रमित भी है।
गुरुवार को जिला अस्पताल के कर्मचारियों ने उस मरीज के बेड पर एचआईवी पॉजिटिव लिखी एक स्लिप लगा दी। नतीजतन अस्पताल आने-जाने वाले व्यक्ति की नजर जैसे ही उस मरीज पर पड़ती, वह उसे काफी गौर से देखने लगता और घूरता हुआ निकल जाता।
मरीज पहले तो यह सब नहीं समझ सका लेकिन जब उसे मर्ज की गोपनीयता सार्वजनिक होने की जानकारी हुई तो वह काफी नर्वस व परेशान हो गया। धीरे-धीरे यह बात सोशल मीडिया के जरिए शहर में भी फैलने लगी।
इसके बाद अस्पताल में हड़कंप मच गया। इस मरीज को पैर में तकलीफ के चलते 15 दिन पहले अस्पताल के ट्रॉमा वार्ड में भर्ती कराया गया था।
उल्लेखनीय है कि शासन व उच्च न्यायालय की ओर से एचआईवी संक्रमित मरीज की पहचान गोपनीय रखने का आदेश हैं पर अस्पताल कर्मियों ने इसे सार्वजनिक कर दिया।
लोगों ने इसकी शिकायत जिला अस्पताल प्रशासन से की तो स्वास्थ्यकर्मी मामले को दबाने में जुट गए। उधर जानकारी होते ही सीएमओ ने इसकी जांच कर कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
जांच के बाद दोषी पर होगी कार्रवाई
मरीज के बेड पर एचआईवी पॉजिटिव लिखकर स्लिप किसने लगाई है, अभी इसका पता नहीं चल सका है। किसी वार्डबॉय या अन्य कर्मी का हाथ हो सकता है। जांच के लिए एक टीम का गठन कर दिया गया है। जांच में दोषी मिले कर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. संतोष कुमार श्रीवास्तव, मुख्य चिकित्साधिकारी