पेड़ से टकराई बाइक, दो युवकों की मौत
गोंडा। थाना छपिया क्षेत्र के बभनान-मसकनवां मार्ग पर माड़ा गांव के समीप गुरुवार की रात घर बनवाने के लिए ईंट भट्ठे ईंट का आर्डर देकर वापस घर लौट रहे बाइक सवार दो दोस्तों की बाइक कोहरे के कारण अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई।
जिससे दोनों गंभीर रुप से घायल हो गए। हादसे के बाद ग्रामीणों ने डायल 100 एवं 108 एंबुलेंस को बुलाया। एंबुलेंस से सीएचसी छपिया ले जाते समय रास्ते में दोनों दोस्तों की मौत हो गई। सूचना पर पहुुंची पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
थाना छपिया क्षेत्र के बहिराडीहा गांव के रहने वाले समयदीन शर्मा ने बताया कि उन्हें प्रधानमंत्री आवास का आवंटन हुआ था, उसकी की पहली किस्त मिली थी, जिससे आवास का निमार्ण कराना था। समयदीन के मुताबिक उनका 23 वर्षीय बेटा सूरज शर्मा गांव के रहने वाले अपने दोस्त 36 वर्षीय पवन कुमार उर्फ अशोक पुत्र बदलू के साथ गुरुवार शाम आवास निर्माण के लिए ईंट का आर्डर देने ईंट भट्ठे पर जाने की बात कहकर बाइक लेकर घर से निकला था।
वहां आर्डर देने के बाद दोनों रात आठ बजे घर लौट रहे थे। वह दोनों बभनान-मसकनवा मार्ग पर माड़ा गांव के पास पहुंचे थे तभी घना कोहरा होने के कारण बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनाने पेड़ से जा भिड़ी। जिससे दोनों गंभीर रुप से घायल हो गए।
हादसे के दौरान वहां पहुंचे माड़ा गांव के लोगों ने डायल 100 एवं 108 एम्बुलेंस को फोन करके सूचना दी। एंबुलेंस से दोनों की सीएचसी छपिया ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
थानाध्यक्ष छपिया शैलेश सिंह ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। ग्राम प्रधान बहिराडीहा भूपेश मिश्र ने बताया कि दोनों दोस्त ईंट का आर्डर देने घर से गए थे। वापस लौटते समय हादसे में दोनों युवकों की मौत हुई है।
दो घरों में मचा कोहराम
गोंडा। बहिराडीहा गांव के रहने वाले पवन व सूरज के मौत की खबर गांव में पहुंचते ही दोनों घरों में कोहराम मच गया। लोगों की भीड़ जमा हो गई। पवन कुुमार उर्फ अशोक की माता की पवन के बचपन में ही मौत हो गई थी।
25 साल पहले उसके पिता बदलू की भी मौत हो चुकी है। परिवार में पवन की पत्नी संध्या देवी, बेटा महेश, शेखर व बेटी लाली व छह माह की एक दुधमुही बच्ची हैं। संध्या पति की मौत से टूट गई है, रहरकर वह बेसुध हो जाती है।
बच्चों को भी रो-रोकर हाल बेहाल है। सूरज शर्मा तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर था। सबसे बड़ा पुजारी व छोटा राजमन हैं। सूरज का की माता सुशीला देवी व पिता समयदीन बेटे के गम में टूट गए हैं।
हेलमेट होता तो बच सकती थी दोनों की जान
बभनान-मसकनवां मार्ग पर माड़ा गांव के पास सड़क हादसे में जान गंवाने वाले बहिराडीहा गांव के रहने वाले पवन कुमार व सूरज ने हेलमेट नहीं पहना था। गांव वालों का कहना है कि अगर दोनों ने हेलमेट पहना होता तो शायद उनकी जान बच सकती थी।