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पांच अभियुक्तों को दस साल का सश्रम कारावास

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भाजपा विधायक के पुत्र की हत्या में पांच अभियुक्तों को सजा
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गोंडा। शहर के आईटीआई रोड स्थित आरएन पांडेय हॉस्पिटल में गाड़ी पार्किंग को लेकर फायरिंग में भाजपा विधायक बावन सिंह के पुत्र डॉ. गौरव सिंह उर्फ सोनू की गैर इरादतन हत्या के मामले में विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट महेश नौटियाल ने हास्पिटल के निदेशक डॉ. राजेश पांडेय के रिश्तेदार समेत पांच अभियुक्तों को दस-दस साल के सश्रम कारावास की सजा व पांच-पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
प्रभारी जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी विनय सिंह के मुताबिक करनैलगंज क्षेत्र के गद्दौपुर गांव निवासी भाजपा विधायक बावन सिंह के पुत्र वैभव सिंह उर्फ मोनू ने 08 मई 2012 को नगर कोतवाली में डॉ. राजेश पांडेय पुत्र रामनरेश पांडेय निवासी धनुही थाना परसपुर, चंद्रमोहन मिश्र पुत्र रामदेव मिश्र निवासी उमरा थाना कौड़िया, विश्वास पांडेय पुत्र कैलाशनाथ पांडेय निवासी पिपराघाट थाना उतरौला बलरामपुर, पवन मिश्र पुत्र देवमणि मिश्र निवासी बख्तावर पुरावा परसपुर, सुरेश कुमार पांडेय उर्फ बबलू पुत्र सूबेदार पांडेय निवासी अचकवापुर विलखैहा थाना महराजगंज फैजाबाद, अवधेश तिवारी पुत्र स्व. रामबरन तिवारी निवासी मलखानपुर मिहोरिया थाना महराजगंज के खिलाफ जानलेवा हमले व हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें कहा गया कि 08 मई 2012 को वैभव सिंह अपने बड़े भाई डॉ. गौरव सिंह व चालक मोहन सिंह व चाचा विष्णु प्रताप सिंह के साथ स्कार्पियो गाड़ी से आरएन पांडेय नर्सिंगहोम में भर्ती अपने परिचित को देखने गया था। नर्सिंगहोम में गाड़ी रुकी तो सशस्त्र सिक्योरिटी गार्ड बबलू उर्फ सुरेश व अवधेश तिवारी वहां आ गए और अभद्रता करते हुए गाड़ी बाहर खड़ी कर पैदल जाने के लिए कहने लगे। इसी बीच डॉ. राजेश पांडेय ने गार्ड को केबिन में बुलाया। वहां बात हो रही थी, अंदर डॉक्टर समेत चंद्रमोहन मिश्र, विश्वास पांडेय, पवन मिश्र मौजूद थे। सिक्योरिटी गार्ड बबलू व अवधेश तिवारी भी पीछे से आ गए। इस बीच डॉ. राजेश पांडेय ने धमकी दी तो डॉ. गौरव ने विरोध किया। इसी बीच डॉ. राजेश के कहने पर सभी डॉ. गौरव को पीटने लगे। सिक्योरिटी गार्ड बबलू व अवधेश तिवारी बंदूक की बट से मारने लगे। तभी डॉ. राजेश ने गार्ड अवधेश की बंदूक छीनकर गौरव सिंह के सीने पर फायर कर दिया। गोली लगने से डॉ. गौरव सिंह घायल होकर गिर गए। ट्रॉमा सेंटर लखनऊ ले जाते समय रास्ते में डॉ. गौरव की मौत हो गई।
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सत्र परीक्षण के दौरान प्रभारी जिला शासकीय अधिवक्ता विनय सिंह ने अदालत में गवाहों का बयान कराया। विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट ने गवाहों के बयान व पत्रावली के अवलोकन के बाद अभियुक्त चंद्रमोहन मिश्र, विश्वास पांडेय, पवन मिश्र, सुरेश कुमार पांडेय उर्फ बबलू व अवधेश तिवारी को डॉ. गौरव सिंह उर्फ सोनू की गैर इरादतन हत्या में दस-दस साल के सश्रम कारावास की सजा व पांच-पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा नहीं करने की दशा में अभियुक्तों को छह-छह माह के साधारण कारावास की सजा भुगतनी होगी। अदालत ने अभियुक्तों को जानलेवा हमले के आरोप में दोषमुक्त किया है।
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