मोतीगंज/गोंडा। सेवानिवृत्त जिला आबकारी अधिकारी की फर्जी वसीयत के बाद कत्ल के आरोप में उनकी दूसरी पत्नी के बेटे, बेटी और दामाद के साथ ही चरखारी के उपनिबंधक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई है। चौरी हरसोपट्टी गांव निवासी प्रेमनाथ की तहरीर व आईजी के निर्देश पर मोतीगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
इसमें प्रेमनाथ ने बताया कि उनके पिता जगदंबा प्रसाद मिश्र प्रयागराज में जिला आबकारी अधिकारी थे। जगदंबा की दो शादियां हुई थीं। पहली पत्नी भानुमती से प्रेमनाथ व दूसरी पत्नी चंदा देवी से कवींद्र, अनीता, सुनीता, पूर्णिमा हैं। वर्ष 2003 में सेवानिवृत्ति के बाद 10 अगस्त 2016 को जगदंबा की मृत्यु हो गई थी।
प्रेमनाथ का आरोप है कि सौतेले भाई कवींद्र ने अपनी बहन-बहनोई व अन्य की मदद से उपनिबंधक कार्यालय चरखारी महोबा में कूटरचित दस्तावेज तैयार करा लिए। फिर इसी की मदद से 24 मई 2017 को पिता की बेशकीमती जमीन व मकान अपने नाम करा लिया।
प्रेमनाथ ने 12 जनवरी को आईजी से शिकायत की। मामले में एंटी फ्रॉड सेल की जांच रिपोर्ट के आधार पर आईजी ने केस दर्ज करने का निर्देश दिया। इस पर 26 फरवरी को मोतीगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज हुई।
थानाध्यक्ष प्रबोध कुमार ने बताया कि प्रेमनाथ की तहरीर पर कवींद्र कुमार निवासी मकार्थीगंज महाजनी टोला ददुआ बाजार कोतवाली नगर, अनीता निवासिनी फैजुल्लागंज, थाना मड़ियांव लखनऊ, सत्यप्रकाश पटेलनगर निवासी मनकापुर, चरखारी (जिला महोबा) के तत्कालीन उपनिबंधक विजयपाल सिंह के खिलाफ हत्या, साजिश व जालसाजी की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
जगदंबा प्रसाद मिश्र की वसीयत में कई बिंदु संदिग्ध हैं। मसलन, पहली पत्नी के बेटे को मंदबुद्धि दर्शाना, सर्विस बुक व वसीयत में हस्ताक्षर अलग-अलग होना। गवाह घर के भीतर के ही होना, चरखारी (महोबा) में पंजीकरण कराना और वसीयत के चार दिन बाद ही उनकी मृत्यु होना। सभी बिंदु महज संयोग नहीं हो सकते। एंटी फ्रॉड सेल की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर एफआईआर दर्ज कराई गई है। विवेचना में सच्चाई सामने आएगी।
- उपेंद्र अग्रवाल, आईजी, देवीपाटन परिक्षेत्र