गोंडा। प्रदेश स्तरीय माफिया देवेंद्र सिंह उर्फ गब्बर सिंह को बचाने के प्रयास में उसके खिलाफ दर्ज मुकदमे में विवेचक ने अंतिम रिपोर्ट लगा दी। डीआईजी ने जब जांच कराई तो इसका खुलासा हुआ है। मुकदमों की विवेचना में लापरवाही करना विवेचकों अब महंगा पड़ेगा। डीआईजी ने माफिया के खिलाफ दर्ज मुकदमों में लापरवाही बरतने वाले दो विवेचकों के निलंबन व विभागीय कार्यवाही के निर्देश पुलिस अधीक्षकों को दिए हैं। मामला गोंडा में खनन माफिया व बहराइच के प्रदेश स्तरीय माफिया गब्बर सिंह के खिलाफ दर्ज मुकदमे से जुड़ा है।
बहराइच के हरदी थाने में वहां के तत्कालीन उपनिरीक्षक बेचूप्रसाद गौड़ ने खनन माफिया के खिलाफ वर्ष 2021 में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसकी विवेचना स्थानांतरित होकर गोंडा जनपद के थाना इटियाथोक पर नियुक्त विवेचकों ने शुरू की। एक के बाद एक विवेचक बदलते रहे। मौजूदा समय में करीब आठ माह से विवेचना उपनिरीक्षक अभिषेक वर्मा के पास लंबित रही। इससे पहले के विवेचकों पर गौर करें तो कुल मिलाकर 17 माह से विवेचना लंबित है। शिकायत पर जब डीआईजी ने मामले की जांच कराई तो इस केस की विवेचना में विवेचकों की लापरवाही सामने आई।
यहीं नहीं अन्य विवेचकों सहित उपनिरीक्षक अभिषेक वर्मा ने बिना कारण के ही विवेचना अधिक समय तक अपने पास लंबित रखी और इसमें घोर लापरवाही बरतने के दोषी पाए गए। डीआईजी ने विवेचक अभिषेक वर्मा के निलंबन व विभागीय कार्यवाही के लिए पुलिस अधीक्षक आकाश तोमर को निर्देश दिए हैं। दूसरे मामले में बहराइच जनपद के कोतवाली देहात में सेवानिवृत्त सीएमएस डॉ. दिनेश कुमार सिंह ने प्रदेश स्तरीय माफिया देवेंद्र सिंह उर्फ गब्बर सिंह के खिलाफ जमीन पर कब्जा करने तथा सार्वजनिक रास्ते पर अतिक्रमण कर मकान बनाने सहित विभिन्न आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
जिसकी विवेचना उपनिरीक्षक उमेशचंद्र सिंह कर रहे थे। विवेचक ने सेवानिवृत्त सीएमएस का बयान ही नहीं लिया और केस डायरी के पर्चे में उनका बयान अंकित करते हुए कहा कि वह कोई कार्यवाही नहीं चाहते हैं। मुकदमे में अंतिम रिपोर्ट लगा दी। जबकि वादी मुकदमा सेवानिवृत्त सीएमएस ने स्वयं उच्चाधिकारियों के समक्ष पेश होकर विवेचक पर मुकदमे में कोई कार्यवाही न करने का आरोप लगाते हुए प्रार्थना पत्र दिया है। पाया गया कि विवेचक ने सतही तौर पर विवेचना कर अभियोग में अंतिम रिपोर्ट लगा दी। विवेचना में लापरवाही पाए जाने पर डीआईजी ने विवेचक उमेश चंद्र सिंह के निलंबन व विभागीय कार्यवाही के एसपी बहराइच को निर्देश दिए हैं।
अब अपराध शाखा करेगी दोनों मुकदमों की विवेचना
थानों में तैनात दरोगाओं की विवेचना में लापरवाही सामने आने से थानों में तैनात विवेचकों की विवेचनाएं भी सवालों के घेर में आ गई हैं। विवेचकों के आरोप पत्र व अंतिम रिपोर्ट देने के बाद उसका पर्यवेक्षण राजपत्रित अधिकारी यानि सीओ करते हैं। दो विवेचनाओं में लापरवाही सामने आने के बाद ऐसे में पर्यवेक्षणीय अधिकारियों के पर्यवेक्षण पर भी सवाल खड़ा हो गया है। फिलहाल दोनों मुकदमों की विवेचना अब अपराध शाखा करेगी। इसके लिए डीआईजी ने गोंडा व बहराइच जनपद के एसपी को निर्देश दिए हैं।
माफिया देवेंद्र सिंह उर्फ गब्बर सिंह समेत बहराइच जनपद के दो मुकदमों की विवेचना में घोर लापरवाही पाई गई है। दोनों विवेचकों के निलंबन व विभागीय कार्यवाही के पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं। उपेंद्र अग्रवाल, डीआईजी देवीपाटन परिक्षेत्र