गोंडा। सचिवालय कर्मी बताकर लोगों को ब्लैकमेल कर धन उगाही करने के आरोपी को एसटीएफ ने रोडवेज बस स्टाप के पास से गिरफ्तार किया है। एसटीएफ टीम ने परसपुर थाने के सकरौर गांव के कमल नयन पांडेय को गिरफ्तार कर उसके पास से आधार कार्ड, नकदी और मोबाइल बरामद किया है। नगर कोतवाली में केस दर्ज कर उसे पुलिस के हवाले कर दिया है। कोतवाल राकेश कुमार सिंह ने कार्रवाई की पुष्टि की है।
पुलिस के अनुसार, कमल नयन पांडेय काफी दिनों से राजधानी लखनऊ व उसके आस-पास के जनपदों में स्वयं को कभी सचिवालय का अधिकारी कभी न्यूज चैनलों का पत्रकार बताकर लोगों पर ठगी करता था। एसटीएफ लखनऊ के पुलिस उपाधीक्षक दीपक कुमार सिंह ने जांच शुरू की तो पता चला कि गोंडा के आस पास के क्षेत्र में व्हाट्सअप कॉल के माध्यम से डरा-धमकाकर ठगी कर रहा है। उन्होंने उपनिरीक्षक तेज बहादुर सिंह के नेतृत्व में टीम गोंडा भेजा। बुधवार को टीम ने बस स्टाप से युवक को गिरफ्तार किया।
पुलिस का कहना है कि कमल नयन से पूछताछ में पता चला कि ग्रामसभा अचरामऊ, बक्शी का तालाब, जनपद लखनऊ के पूर्व प्रधान वीरेन्द्र यादव के मोबाइल पर फोन करके अपने आप को पहली बार सचिवालय का अधिकारी बताकर व दूसरी बार एक न्यूज चैनल का पत्रकार बताकर रुपये मांगे थे। बताया कि साल 2019 में आरोपित के विरूद्व थाना कोतवाली नगर गोंडा में धमका कर पैसे मांगे जाने का केस दर्ज है। जिसमें उसने स्वयं को उपजिलाधिकारी सदर का स्टेनो बताकर डॉ. मिन्हाज अहमद से 40 हजार रुपये की मांग की थी।