गोंडा। जिले में भूमि घोटाले के मामले में निबंधक विभाग के दो अफसरों पर निलंबन की गाज गिरी है। जिले के सहायक महानिरीक्षक स्टांप मनोज कुमार श्रीवास्तव और पूर्व उप महानिरीक्षक स्टांप अरूण कुमार मिश्र को गुरुवार शासन ने निलंबित कर दिया है। प्रमुख सचिव स्टांप एवं निबंधन वीना कुमारी ने दोनों अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। इसी जांच अपर जिलाधिकारी को सौंपी गई है। एडीएम सुरेश कुमार सोनी ने बताया कि जानकारी हुई है, जांच की जाएगी। दोनों अधिकारियों को महानिरीक्षक निबंधन लखनऊ के शिविर कार्यालय से संबद्ध किया गया है।
उपनिबंधक कार्यालय में अभिलेखों में हेराफेरी कर जमीन बैनामा कराने के मामले में कार्रवाई को लेकर लापरवाही बरतने वाले दो अफसरों पर निलंबन की गाज गिरी है। तत्कालीन एआईजी स्टांप रहे अरुण कुमार मिश्रा और वर्तमान एआईजी मनोज कुमार श्रीवास्तव को शासन ने दायित्वों में शिथिलता बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया है। बता दें कि अभिलेखों में हेराफेरी कर जमीन बैनामा कराने का खेल जिले के निबंधन कार्यालय में वर्ष 1997-98 से चल रहा था। अब तक नगर कोतवाली में 28 एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है। दोनों पर आरोप है कि अनुरक्षित अभिलेखों में कूटरचना कर फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए तो इन दोनों अफसरों ने अपने दायित्वों का निर्वहन नहीं किया।
जांच के दौरान दोनों अफसर दोषी पाए गए थे, और इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी गई थी। रिपोर्ट पर निलंबित कर दिया गया है।
अब तक 47 मामले, एसआईटी को भेजी गई जांच
फर्जीवाड़ा कर करोड़ों कीमत की जमीन हथियाने के मामले की जांच एसआईटी से कराने की संस्तुति डीआईजी देवीपाटन परिक्षेत्र ने शासन से की थी। फर्जी बैनामा से जुड़े इस मामले की जांच में अब तक 47 मामले सामने आ चुके हैं। इसमें निबंधन कार्यालय के कर्मचारियों की मिलीभगत से बिना बैनामा कराए कूटरचित बैनामा के सहारे रजिस्ट्री कर जमीन कब्जा ली गई। एआईजी निबंधन की जांच के बाद इस मामले में 28 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। जांच एसआईटी को भेजे जाने से मामले ने तूल पकड़ा और शासन ने स्टांप एवं निबंधन विभाग के दो अफसरों को निलंबित कर दिया है। जांच में सामने आया कि कई मामलों में तो बैनामा करने वाले व कराने वाले के साथ ही गवाहों की मौत भी हो चुकी है।
जिले में जमीन के बैनामों में घोटाले की रिपोर्ट शासन को भेजी गई थी। कई एफआईआर दर्ज कराए जा चुके हैं, अब दो अधिकारियों के निलंबन की जानकारी हुई है। जांच मिली है, जिम्मेदारों की रिपोर्ट दी जाएगी। सुरेश कुमार सोनी, अपर जिलाधिकारी गोंडा