गोंडा। खेतों में खड़ी फसल को चौपट कर रहे छुट्टा पशु से प्रदेश भर के किसान परेशान हैं। किसानों को रात जागकर फसल की सुरक्षा करनी पड़ती है। इसके बाद भी मेहनत पर पानी फिर जाता है। विधानसभा चुनाव में छुट्टा पशुओं का मुद्दा छाया रहा। प्रदेश सरकार ने बेसहारा पशुओं की समस्या से छुटकारा दिलाने के लिए प्लान तैयार किया है। लिहाजा खेतों में खड़ी फसल को छुट्टा पशु चौपट नहीं कर पाएंगे।
सौ दिन से लेकर छह माह तक के इस प्लान में पहले 50 हजार, छह माह में एक लाख व 31 दिसंबर 2022 तक बेसहारा पशुओं को गो आश्रय स्थल में भेजने का लक्ष्य तय किया गया है। देवीपाटन मंडल में छुट्टा घूम रहे 66 हजार 452 पशुओं को गो आश्रय केंद्र के हवाले करने की तैयारी है। सरकार ने जनपद वार निराश्रित पशुओं की संख्या का आकलन करने व स्थल चिह्नित कर अस्थाई गो आश्रय स्थलों के निर्माण कार्य जल्द प्रारंभ कराने के निर्देश सभी मंडलों के आयुक्त व जिलाधिकारियों को दिए हैं।
जनपद-आश्रय स्थलों की संख्या- संरक्षण का लक्ष्य- कुल संरक्षित पशु
गोंडा - 74- 52615- 9136
बहराइच - 78- 18988- 12721
बलरामपुर - 73- 9248- 6162
श्रावस्ती - 45- 21500- 7880
बेसहारा पशुओं को गोआश्रय केंद्रों में संरक्षित करने के लिए प्रदेश सरकार की ओर से जो दिशा निर्देश दिए गए हैं उसके अनुसार सभी तैयारियां पूरी करने के लिए मंडल के चारों जिलाधिकारियों व मंडल के उपनिदेशक पंचायती राज को निर्देश दिए गए हैं। राकेश चंद्र शर्मा, अपर आयुक्त, देवीपाटन मंडल