गोंडा। विवाहिता को आत्महत्या के लिए उकसाने व दहेज उत्पीड़न के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम डॉ. दीनानाथ तृतीय ने दोषी पति को सात साल का कारावास और 35 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी अभिनव चतुर्वेदी ने बताया कि वादी राधेश्याम निवासी अचलपुर थाना सादुल्लाहनगर जिला बलरामपुर ने खोड़ारे थाने में 21 फरवरी 2017 को तहरीर देकर कहा कि अपनी बहन शीला का विवाह साल 2013 में पवनेश वर्मा निवासी बड़हरा पश्चिमीडीह थाना खोड़ारे से किया था। ससुराल वाले दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित करने लगे थे।
बहन ने फोन से बताया कि पति उसे मार रह हैं। जब वह बहन के घर पहुंचा तो बहन चारपाई पर मृत्यु की दशा में पड़ी थी। पुलिस ने केस दर्ज कर विवेचना की और विवाहिता को आत्महत्या के लिए उकसाने व दहेज के लिए उत्पीड़न का पुख्ता साक्ष्य मिलने पर आरोपी पति पवनेश वर्मा केे खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। न्यायालय ने अभियुक्त पवनेश वर्मा के विरुद्ध अपराध का पुख्ता सबूत मिलने पर दोषसिद्ध किया।