गोंडा। कोतवाली देहात क्षेत्र में चुनाव के दौरान प्रधान पद की प्रत्याशी के पति की हत्या और पुत्र-पुत्री पर जानलेवा हमला के मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने आरोपी तीन सगे भाइयों को आजीवन कारावास और 25 हजार रुपयेअर्थदंड की सजा सुनाई है।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी बसंत कुमार शुक्ला ने बताया कि फजलुल बारी खां निवासी मौजा रथवलिया कोतवाली देहात ने एक दिसंबर 2015 को कोतवाली में तहरीर देकर कहा कि उसकी मां ग्राम पंचायत फिरोजपुर से प्रधानी का चुनाव लड़ रहीं थीं। मतदान स्थल भरहापारा पर करीब तीन बजे उसकी बहन शाहजहां मतदान करने गई तो देखा कि मतदान अधिकारी ने अमित कुमार शुक्ला निवासी काजीदेवर थाना मोतीगंज को पांच मतपत्र फाड़कर दिया। बहन ने ऐतराज किया तो अमित कुमार शुक्ला ने अपने दो भाइयों अनुपम कुमार शुक्ला निवासी भरहापारा थाना कोतवाली देहात व अनुज कुमार शुक्ला निवासी न्यू कालोनी इंद्रा नगर थाना कोतवाली नगर को बुलाया और ललकार कर कहा कि पूरे घर वालों को खत्म कर दो। इसके बाद तीनों भाइयों ने ताबड़तोड़ फायर कर उसके पिता सज्जाद उर्फ बदलू खां, भाई अब्दुल हक खां व बहन शाहजहां को गोली मार दी।
गोली लगने से पिता सज्जाद उर्फ बदलू खां का मौके पर ही मौत हो गई। दोनों घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने केस दर्ज कर विवेचना की और हत्या व जानलेवा हमला के पर्याप्त साक्ष्य के आधार पर तीनों आरोपियों केे खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। बृहस्पतिवार को इस मामले में निर्णय सुनाते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश ब्रजेंद्र मणि त्रिपाठी ने आरोपी अभियुक्त अमित कुमार शुक्ला, अनुपम कुमार शुक्ला व अनुज कुमार शुक्ला को हत्या और जानलेवा हमला के अपराध में आजीवन कारावास और 25-25 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया।