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गोंडा: सालों से लड़ रहे थे केस और पल भर में बसा परिवार

Sun, 12 Feb 2023 04:46 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
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गोंडा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में पारिवारिक मुकदमे आपसी सुलह समझौता से निपटाए गए। सालों से कोर्ट कचहरी का चक्कर लगा रहे 66 दंपतियों को शनिवार को मुकदमे से मुक्ति मिल गई। इस दौरान कुछ के परिवार दोबारा बस गए तो कइयों ने आपसी सहमति से अपना-अपना रास्ता अलग कर लिया।
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पांच साल पहले आशिया और मुबीन, तीन साल पहले इरम परवीन और मोहम्मद तौहीद और शिव कुमार व उनकी पत्नी, किस्मता और रमेश व आयशा बानो और जुबैर के रिश्तों में खटास बढ़ी तो बात थाने तक पहुंच गई।
विवाद ने मुकदमेबाजी का रूप ले लिया और दोनों तारीख पर कचहरी के चक्कर काटने लगे। परिवार न्यायालय की प्रधान न्यायाधीश रीता गुप्ता ने वर्षों पुराने इस विवाद में पांचों दंपतियों को समझाया तो सभी मुकदमा वापस लेने को तैयार हो गए। शनिवार को पांचों दंपतियों ने एक बार फिर साथ-साथ रहने का फैसला कर लिया।
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जबकि शालू और अनिकेत व आशा देवी और सुरेश के दाम्पत्य जीवन में कुछ साल पहले कड़ुवाहट बढ़ी तो मामला न्यायालय तक पहुंच गया। मुकदमेबाजी शुरू हो गई और दोनों जोड़ों ने एक दूसरे का साथ छोड़ने के लिए तलाक का दावा दायर कर कचहरी का चक्कर काटने लगे।
शनिवार को लाक अदालत के दौरान दोनों दंपती आपसी सहमति से अलग-अलग रहने को तैयार हो गए और केस समाप्त हो गया। इसी प्रकार सावित्री और राम जियावन, कमलेश और मनीराम व पूजा और वैभव गुप्ता ने भी अलगाव का रास्ता चुना और सभी के मुकदमे समाप्त हो गए।
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