गोंडा। शहर में जमीनों के कारोबार से जुड़े बहुचर्चित खलील टायर जांच के दायरे में आ गए हैं। नजूल और वक्फ की जमीनों की खरीद फरोख्त के मामले के सरगना खलील टायर की शिकायत अधिवक्ता रवि प्रकाश पांडेय ने सीएम योगी आदित्यनाथ से की थी।
सीएम के फरमान पर डीएम डाॅ. उज्जवल कुमार ने तहसीलदार न्यायिक के नेतृत्व में तीन सदस्यीय जांच टीम का गठन कर खलील टायर की संपत्ति के जांच के निर्देश दिए हैं। जांच में शहर के आसपास के सात गांवों के लेखपालों को भी शामिल किया है।
खलील पर शहर के भीतर स्थित कई सरकारी संपत्तियों को बेचने का आरोप लगता रहा है लेकिन उसके रसूख के चलते कार्रवाई नहीं की जा सकी। रघुकुल विद्यापीठ के सामने स्थित वक्फ बोर्ड की बेशकीमती जमीन को बेचने का मामला रहा हो या फिर नजूल की जमीनों पर कब्जे का। हर बार खलील का ही नाम सामने आता रहा है। हाल ही में खलील के खिलाफ जालसाजी कर जमीन हड़पने के एक मामले में नगर कोतवाली में जानलेवा हमला व डकैती जैसी गंभीर धारा में केस भी दर्ज किया गया है। संयुक्त अधिवक्ता महासभा के देवीपाटन मंडल के अध्यक्ष व वरिष्ठ अधिवक्ता रवि प्रकाश पांडे ने मो खलील टायर वाले की शिकायत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की थी और खलील के संपत्ति की जांच कराए जाने की मांग की थी। इस शिकायत का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खलील की संपत्ति के जांच के आदेश दिए हैं।
जिलाधिकारी डाॅ. उज्जवल कुमार ने खलील की संपत्ति की जांच के लिए तहसीलदार न्यायिक अखिलेश कुमार, नायब तहसीलदार धर्मेंद्र कुमार व राजस्व निरीक्षक नंदकुमार सिंह की तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। इस टीम के साथ शहर से सटे गांव पंचायत पूरे शिवा बख्तावर, छावनी सरकार, गोंडा गिर्द, परेड सरकार, बड़गांव व जानकीनगर के लेखपालों को लगाया गया है। एसडीएम सदर कुलदीप सिंह ने बताया कि कमेटी को खलील टायर वाले की संपत्ति का ब्योरा जुटाने का निर्देश दिया गया है।