गोंडा। कोर्ट ने मारपीट, हत्या और जानलेवा हमले के 13 वर्ष पुराने मामले में चार अभियुक्तों को सश्रम आजीवन कारावास और 68 हजार रुपये अर्थदंड व दो अभियुक्तों को 10 साल सश्रम कारावास और 13 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) घनश्याम पांडेय ने बताया कि जिले के करनैलगंज थाना क्षेत्र के ग्राम बौड़िहनपुरवा मौजा मोहम्मदपुर गढ़वार निवासी इकबाल बहादुर ने कोतवाली में प्रार्थनापत्र देकर कहा कि गांव के ही रामू मिश्रा आदि से उसका जमीन का मुकदमा चल रहा है। सात अप्रैल 2010 को शाम सात बजे गेहूं काटने के लिए मजदूर कहने जा रहा था तो उसकी हत्या के उद्देश्य से गाड़ा बंदी किए रामू मिश्रा, श्यामू, सूर्यकांत व कमलाकांत, सूर्यमणि व अश्वनी कुमार ने हमला कर दिया। रामू मिश्रा ने गोली मार दी। शोर पर बचाने आए सर्वेश को सूर्यकांत और अवधराज को श्यामू ने गोली मार दी।
रामू, श्यामू, सूर्यकांत व कमलाकांत ने फरसे व लाठी से पीटकर उदयभान को गंभीर रूप से घायल कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। वादी की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज कर विवेचना की और हत्या व जानलेवा हमले का पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने वादी समेत 10 गवाहों के बयान, अभियोजन पक्ष व बचाव पक्ष की दलील के आधार पर आरोपी अभियुक्त रामू मिश्रा, श्यामू, सूर्यकांत व कमलाकांत को हत्या व जानलेवा हमला तथा सूर्यमणि व अश्वनी कुमार को जानलेवा हमले का दोषी ठहराया।
मंगलवार को मामले में निर्णय सुनाते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-चतुर्थ डॉ. अनामिका चौहान ने अभियुक्त रामू मिश्रा, श्यामू, सूर्यकांत व कमलाकांत को हत्या व जानलेवा हमला के अपराध में सश्रम आजीवन कारावास व 68-68 हजार रुपये अर्थदंड और सूर्यमणि व अश्वनी कुमार को जानलेवा हमला के अपराध में 10 साल सश्रम कारावास व 13-13 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। कोर्ट के आदेशानुसार अधिरोपित जुर्माने की कुल धनराशि में से 50 प्रतिशत धनराशि चोटहिल इकबाल बहादुर, अवधराज व सर्वेश को क्षति के प्रतिकर के रुप में अदा की जाएगी।