गोंडा। तरबगंज थाना क्षेत्र में 15 साल पूर्व शादीशुदा युवती को दूसरी शादी के लिए अपहरण के मामले को गंभीरतम अपराध मानते हुए अपर सत्र न्यायाधीश/एफटीसी द्वितीय नितिन श्रीवास्तव ने चार आरोपियों को 10 साल का कठोर कारावास और 11-11 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी चंद्रशेखर सिंह ने बताया कि तरबगंज थाना क्षेत्र की एक महिला ने 16 सितंबर 2007 को थाने में प्रार्थना पत्र देकर कहा कि उसकी शादीशुदा लड़की उसके घर पर रहकर कक्षा 10 की पढ़ाई कर रही थी। रात में मो. शाहिद, रजीउल्ला व साबिर, रजीउल्ला की औरत, सद्दाम हुसैन, साबिर की पत्नी सलमा, रज्जब की पत्नी रुखसाना व किस्मत अली निवासी ग्राम रांगीडीह थाना तरबगंज लड़की को बहला फुसलाकर भगा ले गए। पीड़िता की मां के तहरीर पर केस दर्ज कर पुलिस ने विवेचना की। विवाहिता को शादी के लिए विवश करने के लिए अपहरण के अपराध का साक्ष्य मिलने पर आरोपी सद्दाम हुसैन, रुखसाना, रजीउल्ला, मो. साबिर व सलमा के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान ही रुखसाना की मृत्यु होने से उसके खिलाफ केस की कार्रवाई समाप्त कर दी गई। विचारण के दौरान न्यायालय ने वादिनी और प्रत्यक्षदर्शी गवाहों के बयान व अन्य साक्ष्य से अपराध साबित होने पर अभियुक्त सद्दाम हुसैन, रजीउल्ला, मो. साबिर व सलमा को दोष सिद्ध किया। मामले निर्णय सुनाते हुए अपर सत्र न्यायाधीश/एफटीसी द्वितीय नितिन श्रीवास्तव नेे अभियुक्त सद्दाम हुसैन, रजीउल्ला, मो. साबिर व सलमा को विवाहित युवती का शादी के लिए अपहरण करने के अपराध में 10 साल का कठोर कारावास और 11-11 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया।