गोंडा। शहर की तर्ज पर पंचायतों में भी कूड़ा निस्तारण केंद्र बनाए जाएंगे। इसमें प्लास्टिक बैंकों की अलग से स्थापना होगी। जिससे गांवों में निकलने वाले कूड़ों और प्लास्टिक को एक साथ एकत्र करके निस्तारित किया जा सके। पंचायत राज विभाग ने 79 पंचायतों के लिए 28 करोड़ की कार्य योजना तैयार की थी, जिसे शासन से स्वीकृति मिल गई है। पहले चरण में जिले की सर्वाधिक आबादी वाली पंचायतों को शामिल किया गया है।
स्वच्छता मिशन से अब पंचायतों में कूड़ा निस्तारण केंद्र बनेगा। इसके लिए भारत सरकार ने पांच करोड़ की योजना को स्वीकृति दी है। करीब 79 पंचायतों को योजना में शामिल किया जाना है। कूड़ा निस्ताण केंद्र से गांवों में स्वच्छता की नई पहल होगी। इन गांवों में अब ठोस व तरल अपशिष्ट प्रबंधन का कार्य होना है। इससे पंचायतों को कूड़ा और कचरा से मुक्त बनाने का अभियान चलेगा। अभी तक 10 पंचायतों में कार्य शुरू कराया गया है। जिसमें बभनजोत ब्लॉक के कूकनगर ग्रंट, बेलसर के बरौली, हलधरमऊ के भोंका, करनैलगंज में करनैलगंज ग्रामीण इंटियाथोक के पारा सराय, झंझरी के बनघुसरा, कटराबाजार के बनगांव, मनकापुर के धुसवाचांद, परसपुर के आटा व वजीरगंज ब्लाक की वजीरगंज पंचायत शामिल है।
इन पंचायतों में पांच करोड़ 11 लाख रुपये से परियोजनाओं की शुरुआत हुई है। इसके 69 पंचायतों में जल्द ही कार्यों की शुरूआत होगी। विभाग ने एडीओ पंचायतों और सचिवों को योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी है। सफाई कर्मियों को इस नई पहल में सहयोग के बारे में प्रशिक्षित किया गया है। (संवाद)
पंचायतों में कार्य के लिए बजट तय
पंचायतों में बजट की व्यवस्था के लिए एक मानक तय किया गया है। पांच हजार आबादी वाली पंचायतों में ठोस कचरा प्रबंधन के लिए 60 रुपये व ग्रे वाटर प्रबंधन के लिए 280 रुपये प्रति व्यक्ति बजट तय है। पांच हजार से अधिक की आबादी होने पर ठोस कचरा पर 45 रुपये और ग्रे वाटर प्रबंधन पर 660 रुपये का बजट प्रति व्यक्ति मिलेगा। इसमें बजट की व्यवस्था दो निधियों से होनी है। जिसमें 70 फीसदी बजट स्वच्छता मिशन से और 30 फीसदी बजट केंद्रीय वित्त आयोग से मिलेंगे। चयनित पंचायतों की आबादी के हिसाब से बजट तय करके भेजा जाएगा। हर पंचायत को अपने स्थानीय स्तर की व्यवस्थाओं के आधार पर कार्य योजना तैयार करके कार्य कराना है।
गांव में स्वच्छता के लिए तय हैं कार्य
योजना से पंचायतों में कार्य भी तय किए गए हैं। सामुदायिक खाद गड्डा के साथ ही व्यक्तिगत खाद गड्डा भी तैयार होगा। इसके अलावा वर्मी कंपोस्ट पिट, कूड़ा पात्र, अपशिष्ट एकत्र करने के लिए वाहन, मैटरियल रिकवरी सेंटर, सामुदायिक व व्यक्तिगत सोख्ता गड्डा, तालाब, सिल्ट फिल्टर चैंबर, किचन गार्डन के साथ ही प्लास्टिक बैंक की स्थापना होनी है। इससे गांवों को स्वच्छ बनाने के बेहतर परिणाम सामने आएंगे।
पंचायतों के चयन की प्रक्रिया पूरी हो गई है। कार्य योजना स्वीकृत हो गई है। कई पंचायतों में कार्य की शुरूआत भी हो चुकी है। जल्द ही अन्य गांवों में भी स्वच्छता मिशन की परियोजनाएं शुरू कर दी जाएंगी। लालजी दूबे, जिला पंचायत राज अधिकारी
स्वच्छ भारत मिशन से ठोस व तरस अपशिष्ट निस्तारण से जुड़ी परियोजनाएं प्राथमिकता से संचालित की जा रहीं हैं। नियमित निगरानी भी की जा रही है, पंचायतों को जानकारी दी जाती है। अभय रमन, जिला समन्वयक स्वच्छ भारत मिशन