गोंडा। दहेज को लेकर विवाहिता की हत्या के मामले में जनपद एवं सत्र न्यायाधीश रविंद्र कुमार प्रथम ने आरोपी पति व सास, ससुर को 10-10 साल कठोर कारावास और 10-10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी बसंत कुमार शुक्ला ने बताया कि 22 जनवरी 2020 को कलावती सिंह पत्नी हनोमान सिंह ने परसपुर थाने में तहरीर देकर कहा कि 12 मई 2019 को पुत्री कंचन की शादी अंकित सिंह निवासी ग्राम चरसड़ी खारेकवा थाना परसपुर से की थी। लड़की के ससुराल में पति अंकित सिंह, ससुर मगन सिंह, सास साधना सिंह उर्फ सुमन सिंह व देवर आशीष सिंह दहेज में एक लाख रुपया और सोने की अंगूठी और चेन की मांग करते थे।
मांग पूरी न कर पाने पर लड़की के पति, ससुर व सास उसे प्रताड़ित करते थे। जब लड़की का भाई विजय सिंह उसके घर गया तो बेटी का शव चारपाई पर पड़ा मिला। उसकी तहरीर पर केस दर्ज कर परसपुर पुलिस ने विवेचना की और दहेज हत्या का पुख्ता साक्ष्य मिलने पर आरोपी पति अंकित सिंह, ससुर मगन सिंह व सास साधना सिंह उर्फ सुमन सिंह के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
विचारण के दौरान सत्र न्यायालय ने अभियुक्त अंकित सिंह, मगन सिंह व साधना सिंह उर्फ सुमन सिंह के विरूद्ध दहेज हत्या के अपराध का पुख्ता सबूत मिलने पर दोषसिद्ध किया। निर्णय सुनाते हुए अदालत ने अभियुक्त अंकित सिंह, मगन सिंह व साधना सिंह उर्फ सुमन सिंह को 10-10 साल कठोर कारावास और 10-10 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया।