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डॉक्टर सहित पूरा ओटी स्टाफ क्वारंटीन

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गोंडा। जिला के अस्पताल के नेत्र रोग विभाग में सोमवार को एक कोरोना संक्रमित महिला की आंख का ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर सहित पूरा ऑपरेशन थियेटर का स्टाफ क्वारंटीन कर दिया गया है। जिस कोरोना संक्रमित महिला का ऑपरेशन किया गया था, उसे आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है। कंफर्मेशन टेस्ट रिपोर्ट आने के बाद अब जिला अस्पताल प्रशासन आगे की कार्रवाई तय करेगा।
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सोमवार को विशुनपुर वैरिया की एक महिला जिला अस्पताल में आंख में ग्लूकोमा के इलाज के लिए भर्ती हुई थी। नेत्र सर्जन डॉ. पुनीत श्रीवास्तव ने महिला को देखा और ऑपरेशन की तैयारी शुरू कर दी। शासन की ओर से जारी निर्देशों के मुताबिक अब ऑपरेशन के पहले कोरोना की जांच जरूरी कर दी गई है। ऐसे में महिला की ट्रूू नेट्स मशीन से जांच के लिए सैंपलिंग कराई गई। लेकिन डॉ. पुनीत ने बिना सेंपल की जांच रिपोर्ट आए ही महिला की आंख का ऑपरेशन कर डाला और बाद में महिला कोरोना पॉजिटिव पाई गई थी। रिपोर्ट आने के बाद पूरे विभाग में हंगामा मच गया। बताया जा रहा है कि ऑपरेशन के समय ओटी में दो डॉक्टर डॉ. पुनीत श्रीवास्तव और डॉ. संजय शर्मा मौजूद रहे। इसके साथ ही चार और स्टाफ भी मौजूद थे। सभी को क्वारंटीन रहने के निर्देश दिये गये हैं।
बताया जा रहा है कि नेत्र सर्जन डॉ. पुनीत श्रीवास्तव की ओर ओर से ऑपरेशन के दौरान कोविड-19 के लिए जारी की गाइडलाइन का उल्लंघन किया गया है। ऐसा तब है कि जब अस्पताल में मरीजों की भीड़ नहीं है। इसके साथ ही लॉकडाउन के बाद पहला ऑपरेशन हुआ था और लापरवाही में वो मरीज कोरोना पॉजिटिव निकला। यहां सबसे बड़ा सवाल ये है कि आखिर जब एक ही मरीज का ऑपरेशन करना था तो जांच रिपोर्ट का इंतजार करने की जहमत डॉक्टर ने क्यों नहीं उठाई। सीएमओ ने पीड़ित महिला के मरहम पट्टी की जिम्मेदारी भी ऑपरेशन करने वाले डॉ. पुनीत श्रीवास्तव को ही सौंपी है। उन्होंने कहा कि गलती की है तो वो ही देखभाल भी करेंगे। मरीज को ऐसे तो नहीं छोड़ा जा सकता है।
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सोमवार को नेत्र रोग विभाग की ओटी में कोरोना संक्रमित महिला की आंख ऑपरेशन किया गया था, इसके बाद उसके कोरोना पॉजिटिव पाये जाने के बाद नेत्र रोग विभाग पर ताला लगा दिया गया। विभाग का ताला मंगलवार को भी नहीं खुला। बताया जा रहा है लखनऊ जांच के लिए फिर से भेजे गये सेंपल की रिपोर्ट आने के बाद ही विभाग खोलने पर फैसला लिया जाएगा।
जिला अस्पताल के डॉक्टर की ओर से बरती गई लापरवाही के मामले में जब सीएमओ से जानकारी ली गई तो उन्होंने सारे नियम कायदों को ताक पर रख दिया। डॉक्टर और स्टाफ के साथ ही डॉक्टर के संपर्क में आये लोगों को क्वारंटीन करने के बारे में जब पूछा गया तो सीएमओ डॉ. मधु गैरोला ने कहा कि कहा कि कोरोना वायरस उड़ता थोड़े ही है। सभी को क्वारंटीन नहीं किया जा सकता। ऑपरेशन के दौरान मौजूद दो डॉक्टर समेत सभी ओटी स्टाफ को क्वारंटीन कर दिया गया है।
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