फोटो-35 गोंडा के जिला अस्पताल में वैक्सीन लगवाता किशोर। संवाद
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गोंडा। कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ते जा रहे हैं। मंगलवार को 36 नए मरीजों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। जिले में अब तक 1815 कोरोना संक्रमित मिल चुके हैं। जिसमें 344 कोरोना प्रभावित सक्रिय हैं। 34 मरीजों का इजाल विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से दिए गए आंकडों के अनुसार अब तक 1478 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। कोरोना के हर दिन सामने आ रहे मामलों को देखते हुए लोगों से कोविड प्रोटोकाल का पालन करने की अपील अधिकारियों ने की है।
कोरोना संक्रमण पर अंकुश के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार प्रयास कर रहा है। बावजूद इसके संक्रमण के मामले में कमी नहीं हो रही है। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में संक्रमण तेजी से फैल रहा है। करनैलगंज, कटराबाजर, हलधरमऊ आदि क्षेत्रों में अधिक संख्या में संक्रमित मिल रहे हैं। बढ़ते मामले को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी तेज कर दी है। रेलवे स्टेशन, बस स्टॉप पर बाहर से आने वालों का कोरोना जांच किया जा रहा है। कोरोनारोधी टीकाकरण से वंचित लोगों का सर्वे कराया जा रहा है। गांवों में कैंप लगाकर टीका लगाया जा रहा है। हेल्थ केयर वर्कर, फ्रंट लाइन वर्करों के साथ बुजुर्गों को बूस्टर डोज दिया जा रहा है। कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए लोगों से सीएमओ डॉ. राधेश्याम केसरी ने कोविड प्रोटोकाल के पालन की अपील किया है।
जिला कारागार लेबल वन हॉस्पिटल में बढ़ी सुविधाएं
जिला कारागार के बढ़ते कोरोना संक्रमण के मामले को देखते हुए जेल में अस्थाई एल वन हॉस्पिटल का सेल बनाया गया। जिसमें कोरोना संक्रमण से ग्रसित 11 बंदियों को चिकित्सीय निगरानी में भर्ती किया गया है। वहीं जिला कारागार मे आने वाले नए बंदियों को कोरोना जांच कराए जाने के बाद 14 दिनों तक नए सेल में रखा जा रहा है। अब संक्रमित बंदियों को आयुष काढ़ा के साथ कोविड किट में मिलने वाली दवाएं दी जा रही है। जिला कारागार के अस्पताल में सुविधाएं बढ़ाई गई हैं, जिससे मरीजों को दिक्कत न हो। ऑक्सीजन की भी व्यवस्था की जा रही है।
बूस्टर डोज और कोरोनारोधी टीके पर जोर
विस चुनाव के कार्मियों को लगातार बूस्टर डोज दिया जा रहा है। करीब 24 हजार लोगों को बूस्टर डोज दिया जा चुका है। जिसमें निर्वाचन ड्यूटी में लगे कर्मचारी अधिक हैं। इसके अलावा बुजुर्गों को बूस्टर डोज दिया जा रहा है। कोरोनारोधी टीके की दूसरी डोज देने के लिए अभियान तेज है। किशोरों को टीका देने का अभियान तेज है। इसमें समय से लोगों को कोरोना का सुरक्षा कवच दिया जा सके।