उच्च प्राथमिक विद्यालय बेसहूपुर में मिड-डे मील खाते विद्यार्थी। स्रोत: विभाग
गोंडा। परिषदीय विद्यालयों में मध्याह्न भोजन के लिए मई से सितंबर तक अटकी कन्वर्जन कास्ट की 10.93 करोड़ रुपये की रकम जल्द स्कूलों के खातों में पहुंचेगी। एसएनए स्पर्श पोर्टल के माध्यम से भुगतान की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इससे तीन लाख से अधिक बच्चों के भोजन की सामग्री खरीदने में स्कूलों को राहत मिलेगी।
जिला समन्वयक मध्याह्न भोजन गणेश कुमार गुप्त ने बताया कि एसएनए स्पर्श पोर्टल से भुगतान अनिवार्य किए जाने के कारण मई से सितंबर तक रकम नहीं भेजी जा सकी थी। शासन से बजट मिलने के बाद भुगतान की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिले के 2,609 परिषदीय विद्यालयों में तीन लाख से अधिक बच्चे पढ़ते हैं। कन्वर्जन कास्ट से सब्जी, गैस, तेल, मसाले समेत भोजन की अन्य सामग्री खरीदी जाती है। प्राथमिक स्तर पर प्रति बच्चे 6.78 रुपये और उच्च प्राथमिक स्तर पर 10.17 रुपये प्रतिदिन की दर निर्धारित है।
7,271 रसोइयों का मानदेय भी जारी
जिले के 7,271 रसोइयों के अगस्त तक के मानदेय के लिए 2.87 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत हो चुका है। जिला समन्वयक के अनुसार रसोइयों के खातों में दो-दो हजार रुपये भेजे जा चुके हैं। कन्वर्जन कास्ट मिलने से स्कूलों में मध्याह्न भोजन संचालन से जुड़े लंबित भुगतान का दबाव भी कम होगा।