गोंडा। कोरोना महामारी के दौर में माता-पिता की मृत्यु के बाद बच्चों की देखभाल व उनकी सुरक्षा के लिए जिला प्रशासन सजग है। इन बच्चों के लिए हित व उनसे संबंधित सूचना प्राप्त करने के लिए प्रशासन ने हेल्पलाइन जारी किया है।
मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जनपद स्तर गठित टास्क फोर्स तथा कोविड वर्चुअल सपोर्ट ग्रुप की बैठक में डीएम मार्कण्डेय शाही ने बताया कि कोविड-19 महामारी के दौरान परित्यक्त, अनाथ, परिवार विहीन अथवा ‘देखरेख व संरक्षण की स्थिति में’ आने वाले बच्चों के संबंध में कलेक्ट्रेट सभागार में कंट्रोल रूम स्थापित कर दिया गया है।
डीएम ने कंट्रोल रूम के लिए हेल्पलाइन जिला प्रोबेशन अधिकारी जयदीप सिंह का मोबाइल नंबर 7518024029, अध्यक्ष बाल कल्याण समिति राजेश कुमार यादव का मोबाइल नंबर 9451837322 व संरक्षण अधिकारी (गैर संस्थानिक देखभाल) चंद्रमोहन वर्मा का मोबाइल नंबर 9453491691 जारी किया है।
इन नंबरों पर सीधे सूचनाएं दी जा सकती है अथवा कलेक्ट्रेट सभागार में जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय में उपस्थित होकर सूचनाएं दी जा सकती है। कहा कि बच्चों की सुरक्षा व देखभाल प्राथमिकता के आधार पर की जाएगी। अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा त्वरित व आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।
उन्होंने जिला सूचना अधिकारी को निर्देश दिये कि विभिन्न मीडिया स्रोतों, न्यूज चैनल्स, अखबारों, सोशल मीडिया से प्रसारित होने वाले ऐसे सभी समाचार, संदेशों की सूचना कंट्रोल रूप को अवगत कराए, ताकि उसके संबंध में समिति द्वारा न्यायोचित किया जा सके।
जिलाधिकारी ने जिला प्रोबेशन अधिकारियों को निर्देशित किया समस्त बाल देखरेख गृहों का नियमित निरीक्षण करते रहें। बच्चों के लिए उपलब्ध सुविधाओं व सेवाओं की निगरानी तथा इन गृहों में नियमित कोविड-19 परीक्षण, कोविड टीकाकरण, स्वास्थ्य उपकरण व दवाओं की उपलब्धता और चिकित्सा देखभाल अस्पताल में भर्ती, जैसा भी प्रकरण में सहयोग प्रदान करें। बताया कि ऐसे बच्चों की सूचना चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 व महिला हेल्पलाइन 181 पर भी सूचनाएं दी जा सकती हैं।
जिला प्रोबेशन अधिकारी जयदीप सिंह ने बताया कि कोविड-19 महामारी के दौरान परित्यक्त, अनाथ, परिवार विहीन बच्चों की देखभाल की आवश्यकता होने की सूचना किसी भी व्यक्ति द्वारा ट्विटर पर एट द रेट डीपीओ गोंडा पर ट्विट करके दी जा सकती है। ट्विटर पर प्राप्त सूचनाओं पर भी यथा आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।