श्रम कानूनो का कड़ाई से पालन तथा संविदा कर्मचारियों को न्यूनतम 15 हजार रुपये वेतन दिए जाने की मांग को लेकर ट्रेड यूनियनों के साझा मंच ने आरपार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। स्कीम वर्कर फेडरेशन देवीपाटन मंडल के पदाधिकारियों ने डीएम 12 सूत्री मांगपत्र सौंपा है। मांगे पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी गई है।
स्कीम वर्कर फेडरेशन देवीपाटन मंडल के संयोजक दिलीप शुक्ला के नेतृत्व में विभिन्न ट्रेड यूनियनों के पदाधिकारियों ने सगुरुवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर डीएम को 12 सूत्री मांगपत्र सौंपा।
मांगपत्र में श्रम कानूनों का कड़ाई से पालन किये जाने, सभी संविदा कर्मियों को न्यूनतम 15 हजार रुपये मानदेय दिये जाने, हॉट कुक्ड योजना में अनियमितता की जांच कराये जाने, आंगनबाड़ी केंद्रों का किराया व पोषाहार ढुलाई आदि का पैसा खाते में भेजे जाने, 10 वर्षों से कार्यरत सीडीपीओ व लिपिक का स्थानांतरण किये जाने तथा आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों व सहायिकाओं से अतिरिक्त कार्य न लिये जाने की मांग की गई है।
इसके अलावा आशा संगिनी के चयन में अनियमितता की जांच किये जाने, आशा कर्मियों का समस्त भुगतान ऑनलाइन किये जाने, सभी स्वास्थ्य उपकेंद्रों का संचालन शुरू किये जाने, सभी सीएचसी व पीएचसी पर प्रसूता को भोजन उपलब्ध कराने के लिए टेंडर कराये जाने, प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत रसोइयों का मानदेय खाते में भेजे जाने तथा मनरेगा के तहत, इच्छुक व्यक्तियों का जॉबकार्ड कैंप लगाकर बनाये जाने की मांग भी की गई है।
ट्रेड यूनियनों के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि हमारी मांगों पर शीघ्र ही प्रभावी कार्रवाई न की गई तो हम लोग आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। मांगपत्र सौंपते समय दिलीप शुक्ला, रानीपाल, नरेन्द्र श्रीवास्तव, हनुमान दत्त तिवारी, लल्लन सिंह सहित तमाम पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।