भोजन व्यवस्था का टेंडर निरस्त होने के चलते राजकीय आश्रम पद्घति विद्यालय के भोजनालय का चूल्हा मंगलवार सुबह नहीं जला। दोपहर तक बिना नाश्ते व भोजन के छात्राएं परेशान रहीं। मामले की जानकारी होते ही डीएम ने छात्राओं के लिए फल आदि भेजा और शाम का भोजन बनवाने की व्यवस्था कराई।
राजकीय आश्रम पद्घति इंटर कॉलेज पीलीभीत सेखुइया में करीब 350 गरीब छात्राएं अध्ययनरत हैं। इन छात्राओं को नाश्ते व भोजन के लिए प्रशासन ने ठेका दे रखा था। 30 नवंबर को ठेका निरस्त करके ठेकेदार को नोटिस दिया गया।
एक दिसंबर को ठेकेदार ने अपना सामान समेट लिया। जिसके चलते मंगलवार को विद्यालय में चूल्हा नहीं जला।
बच्चियां दोपहर तक बगैर नाश्ते व भोजन के रहीं। छात्रा प्रियांशी, प्रीति, आशिफा, महिमा आदि ने नाश्ता व भोजन न मिलने पर आक्रोश जताते हुए प्रदर्शन किया।
मामले की सूचना मीडिया को मिली तो प्रशासन हरकत में आया। डीएम प्रीति शुक्ला ने बताया कि छात्राओं के खानपान की अव्यवस्था के लिए वार्डेन अंजिका मोना शर्मा की लापरवाही सामने आई है।
बच्चियों को फल आदि दोपहर में दिया गया। खानपान की व्यवस्था का ठेका कर्मचारी कल्याण निगम को दिया गया है। मंगलवार शाम के भोजन की सारी व्यवस्था करा दी गई है।
अब छात्राओं को खानपान की कोई दिक्कत नहीं होगी। विद्यालय की वार्डेन के खिलाफ कार्रवाई के लिए निदेशक को पत्र लिखा गया है।