गोंडा। नगरीय निकाय निर्वाचन में नामांकन के बाद बागियों के दांव से पार्टियों में हलचल मची है। पार्टियों के प्रत्याशियों के माथे पर चिंता की लकीरें भी दिख रहीं। गोंडा नगर पालिका में तो भाजपा व सपा के प्रत्याशी को घेरने के लिए उनकी ही पार्टी के नेता रणनीति बनाने में जुटे हैं। वहीं, नवाबगंज में बड़े दांव पर पार्टी से जुड़े लोग काम कर रहे हैं। करनैलगंज में सपा के दावेदार ही घिरे हैं।
गोंडा नगर पालिका में भाजपा से तो कई दावेदार थे। टिकट पूर्व विधायक तुलसीदास राय चंदानी की बहू लक्ष्मी को मिला। इससे नाराज तो और भी हुए मगर पूर्व चेयरमैन निर्मल श्रीवास्तव ने बगावत कर अपनी पत्नी संध्या निर्मल श्रीवास्तव को मैदान में उतार दिया है। ये भाजपा के लिए मुश्किल भरा है। सपा ने पूर्व अध्यक्ष उज्मा राशिद को टिकट दिया है। अब उनके साथ भितरघात की संभावना बढ़ गई है। कांग्रेस की रुखसाना व निर्दलीय रजिया से चुनौती मिलनी तय है।
करनैलगंज में पूर्व अध्यक्ष रजिया खातून के लिए करनैलगंज ग्रामीण के पूर्व प्रधान मोहम्मद अहमद की पत्नी इशरत जहां सपा की परेशानी का सबब बनी हैं। कटरा बाजार नगर पंचायत में भाजपा प्रत्याशी अर्जुन प्रसाद तिवारी के लिए कटरा बाजार विधायक बावन सिंह के भाई तिरपन सिंह तो सपा के लिए भी मुश्किलें कम नहीं हैं।
बेलसर नगर पंचायत में अजीब स्थिति बन गई है। वहां संगठन से जुड़े प्रत्याशी को टिकट नहीं मिला। इससे यहां भाजपा की राह में कई रोड़े हैं। नवाबगंज में दांवपेंच का खेल चल रहा है। धानेपुर में सपा ने ऐन वक्त पर टिकट बदलकर सियासत की चाल बदल दी है। इस तरह दलों में दांवपेंच से माहौल बदला-बदला दिख रहा है। दलों को पहले अपनों से भी जूझना पड़ेगा।