पंचायत चुनाव के दौरान ड्यूटी में तैनात किए गए पीठासीन व प्रथम मतदान अधिकारियों का प्रशिक्षण कार्यक्रम रविवार को पूरा हो गया। आखिरी दिन बिना किसी सूचना के 64 अफसरों ने प्रशिक्षण में भाग नहीं लिया। जिला निर्वाचन अधिकारी व जिला मजिस्ट्रेट प्रीति शुक्ला के निर्देश पर प्रशिक्षण से नदारद अफसरों से जवाब तलब किया गया है।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने 5 अक्तूबर तक संतोषजनक जवाब देने का निर्देश दिया है। जवाब न देने वाले अफसरों के खिलाफ जिला निर्वाचन अधिकारी ने केस दर्ज कराने की चेतावनी दी है।
जिला निर्वाचन अधिकारी के निर्देश पर रविवार को आखिरी दिन जिला पंचायत सभागार में प्रथम, द्वितीय व तृतीय सत्रों के दौरान 936 पीठासीन व प्रथम मतदान अधिकारियों को परियोजना अर्थशास्त्री वीके श्रीवास्तव व जिला युवा कल्याण अधिकारी डीडी सिंह ने पंचायत चुनाव से संबंधित सभी पहलुओं पर प्रशिक्षण दिया।
मतदान सामग्री की व्यवस्था, मतपत्रों की जांच, मतदान स्थलों की स्थापना, मतदान अधिकारियों के बीच कार्य विभाजन, मतदान स्थलों पर प्रवेश में नियंत्रण, आसपास की व्यवस्था, मतपेटियों को तैयार करने, सीलबंद करने, मतपत्रों को तैयार करने, मतदाताओं की पहचान से संबंधित आपत्तियों का निराकरण, नेत्रहीन व निशक्तों को सहायक उपलब्ध कराने व आपात स्थिति समेत सभी बिंदुओं से पीठासीन व प्रथम मतदान अधिकारियों को अवगत कराया गया।
प्रथम सत्र के दौरान 250 के सापेक्ष 233 पीठासीन व 145 के सापेक्ष 137 प्रथम मतदान अधिकारी, द्वितीय सत्र के दौरान 250 के सापेक्ष 236 पीठासीन और तृतीय सत्र में 250 के सापेक्ष 225 पीठासीन अधिकारियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया।
प्रथम सत्र में 17 पीठासीन व आठ प्रथम मतदान अधिकारी, द्वितीय सत्र में 14 और तृतीय सत्र में 25 पीठासीन अधिकारियों ने प्रशिक्षण नहीं प्राप्त किया। जिला मजिस्ट्रेट ने बिना सूचना के प्रशिक्षण से नदारद सभी पीठासीन व मतदान अधिकारियों को 5 अक्तूबर तक हर हाल में जवाब देने का निर्देश दिया है।
जवाब संतोषजनक न होने पर जिला मजिस्ट्रेट ने पीठासीन व प्रथम मतदान अधिकारियों के खिलाफ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी दी है।