सीआईटीयू के राज्य सम्मेलन में मौजूद पदाधिकारी। स्रोत: संगठन
गोंडा। शहर के एक मैरिज हॉल में आयोजित सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस (सीआईटीयू) उत्तर प्रदेश का तीन दिवसीय राज्य सम्मेलन रविवार को संपन्न हुआ। सम्मेलन के तीसरे और अंतिम दिन प्रतिनिधि सत्र की शुरुआत सीआईटीयू के अखिल भारतीय सचिव कामरेड केएन उमेश के उद्बोधन से हुई।
उन्होंने संगठन को जमीनी स्तर पर सशक्त बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। कहा कि सीटू को मजबूत किए बिना मजदूर वर्ग का आंदोलन सशक्त नहीं हो सकता। इसके लिए प्रत्येक जिले में कम से कम 1000 सक्रिय सदस्य और मजबूत जिला यूनियनों के निर्माण को आवश्यक बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में श्रमिकों का शोषण बढ़ा है और राज्य सरकार ने श्रम कानूनों के अनुपालन को लगभग बंद कर दिया है। सरकार की पूंजीपति समर्थक नीतियों का विरोध करते हुए उन्होंने मजदूरों को गोलबंद कर व्यापक प्रतिरोध आंदोलन खड़ा करने का आह्वान किया। सम्मेलन में 55 सदस्यीय नई राज्य कमेटी का गठन किया गया। इसमें कामरेड सुरेंद्र सिंह को अध्यक्ष, कामरेड प्रेमनाथ राय को महामंत्री तथा कामरेड हेमंत सिंह को एक अन्य अध्यक्षीय पद पर चुना गया। गोंडा से कामरेड कौशलेंद्र पांडेय राज्य उपाध्यक्ष के रूप में निर्वाचित हुए, जबकि कामरेड देवाशीष, विशंभर सिंह और नीरज श्रीवास्तव उपाध्यक्ष के रूप में चुने गए।