गोंडा। 1992 में कुटीर उद्योग के लिए करीब 20 लोगों को पट्टे में मिली जमीन पर अवैध कब्जे के मामले में गुरुवार को हंगामा हो गया। मामला तूल पकड़ते देख पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गई। तनातनी देखते हुए पुलिस ने लाठियां भांजकर लोगों को मौके से खदेड़ दिया।
मामला करनैलगंज थाना क्षेत्र के गोंडा-लखनऊ मार्ग स्थित चौरी चौराहा का है। बताया गया कि करीब 28 साल पहले प्रशासन से 20 लोगों को 10-10 फुट जमीन पट्टे में मिली थी। इस जमीन पर पट्टाधारक जीवन यापन के लिए दुकान कर रहे थे।
इसी जमीन के कुछ पट्टाधारकों से ग्राम गद्दोपुर निवासी बैजनाथ सिंह ने 40 फुट जमीन का बैनामा कराया था। इसमें 10 गुणे 15 की करीब 15 साल पुरानी एक दुकान है और उसमें दो कमरे बने थे। जिसे जेसीबी लगाकर गिराया गया है। आरोप है कि क्षेत्रीय विधायक इन पट्टेदारों की भूमि पर पक्का निर्माण कराने लगे।
इसी जमीन के पीछे विधायक का डिग्री कॉलेज है। गुरुवार को बैजनाथ सिंह के पुत्र बृजेश सिंह सैकड़ों लोगों के साथ अवैध कब्जे के निर्माण को गिराने लगे। आरोप है कि इसी को लेकर विधायक का बेटा भी दर्जनों लोगों के साथ मौके पर पहुंच गया। इस पर दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हुई।
इससे मौके पर भारी हंगामा मच गया। भीड़ भी इकट्ठा हुई। सूचना पर करनैलगंज कोतवाल मनीष जाट पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गये। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। पुलिस ने बृजेश सिंह व उनके पुत्र को हिरासत में ले लिया। आसपास की दुकानें भी बंद करा दी गईं।
जगप्रसाद शुक्ल, अंबिका प्रसाद मिश्र, चंद्र मोहन पांडेय, बच्चाराम मिश्र, रामसुंदर शुक्ल, कृष्ण बिहारी शुक्ल, मोहम्मद यासीन समेत 20 लोगों को ब्लॉक रोड व लखनऊ हाइवे पर बेशकीमती भूमि का पट्टा दिया गया था। इसी भूमि पर बरसों से दुर्गा प्रतिमा भी रखी जाती थी।
जमीन पर कब्जे की शिकायत तहसील प्रशासन से लेकर जिलाधिकारी व मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी की गई, मगर सुनवाई नहीं हुई। बृहस्पतिवार की घटना के बाद अपर पुलिस अधीक्षक महेंद्र कुमार व तहसीलदार ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों से वार्ता की।
अपर पुलिस अधीक्षक महेंद्र कुमार ने बताया कि जमीन का विवाद विधायक व उनके मौसेरे भाई के बीच था। करनैलगंज कोतवाली में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया है। अब मौके पर कोई विवाद नहीं रह गया है। घटना के संबंध में विधायक से बात करने की कोशिश की गई, मगर उनसे संपर्क नहीं हो सका।