जिले की 625 ग्राम पंचायतों में छह-छह समितियां गठित कर दी गईं हैं। प्रधानों की अध्यक्षता में हुई बैठक में सदस्यों की सहमति से समितियों का गठन किया गया। इसकी रिपोर्ट सभी ग्राम प्रधानों ने एडीओ पंचायत को उपलब्ध करा दी है।
डीपीआरओ उपेंद्र राज सिंह ने बीते दिन बताया कि जिला निर्वाचन अधिकारी व डीएम प्रीति शुक्ला के निर्देश पर जिले की 625 ग्राम पंचायतों में नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों की अध्यक्षता में बैठकों का आयोजन किया गया।
इनमें सदस्यों की सहमति से नियोजन एवं विकास समिति, शिक्षा समिति, प्रशासनिक समिति, निर्माण कार्य समिति, स्वास्थ्य एवं कल्याण समिति तथा जल प्रबंधन समिति का गठन किया गया।
नियोजन एवं विकास समिति ग्राम पंचायत की योजना तैयार करेगी साथ ही कृषि, पशुपालन और गरीबी उन्मूलन कार्यक्रमों का संचालन भी करेगी।
शिक्षा समिति प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, अनौपचारिक व साक्षरता से जुड़े कार्यों की देखरेख करेगी। राशन की दुकानों का संचालन व कर्मियों संबंधी सभी विषयों के निस्तारण की जिम्मेदारी प्रशासनिक समिति की होगी।
निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित कराना निर्माण कार्य समिति की जिम्मेदारी होगी। चिकित्सा, स्वास्थ्य, परिवार कल्याण, समाज कल्याण, महिला एवं बाल कल्याण, अनुसूचित जाति-जनजाति व पिछड़े वर्ग की उन्नति व संरक्षण के संबंध में स्वास्थ्य एवं कल्याण समिति को डेटा जुटाना होगा।
राजकीय नलकूपों का संचालन व पेयजल की व्यवस्था कराना जल प्रबंधन समिति की जिम्मेदारी होगी। सभी समितियों में आरक्षण के नियमों का अनुपालन किये जाने की सूचना ग्राम प्रधानों ने संबंधित एडीओ पंचायत को उपलब्ध करा दी है।
सभी एडीओ पंचायत ने शीघ्र ही बैठक से संबंधित रिपोर्ट उपलब्ध कराए जाने की बात कही है। सभी ब्लॉकों से बैठक की रिपोर्ट संकलित करके शासन को भेज दी जाएगी। शासन की अनुमति के बाद ग्राम पंचायतों में विकास कार्य कराने के लिए संशोधित कार्य योजना के अनुरूप बजट का आवंटन किया जाएगा।