गोंडा। ठंड की शुरुआत होते ही बुजुर्गों और सांस के मरीजों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं। सांस, दमा, बुखार व हृदय के मरीजों से मेडिकल कॉलेज भर गया है। वहीं विगत तीन दिनों में सांस व हृदयरोग के 12 मरीजों को भर्ती किया गया है। चार मरीजों की मौत हो चुकी है।
रगड़गंज के डिडिसिया निवासी शहीदा (60), परसपुर के सरदार पुरवा निवासी बजरंग सिंह (76), मनकापुर की शशिकला देवी (79), मोतीगंज निवासी सीताराम (55) सहित 12 मरीजों को सांस की समस्या के कारण मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। सांस के अधिकतर मरीजों की उम्र 60 वर्ष से अधिक है। इसी प्रकार बीते तीन दिनों करनैलगंज के भभुंआ निवासी शिव प्रसाद (60) को सांस की समस्या के कारण भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान मौत हो गई। करनैलगंज के रहलीपुरवा निवासी जगदीश सिंह (65) व मनकापुर के मुनेश्वर प्रसाद (78) की सांस व हृदय की समस्या के चलते इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं तिरकोलिया निवासी बजरंगी (60) ने सांस व सीने में दर्द की समस्या पर दम तोड़ दिया।
मेडिकल कॉलेज के फिजीशियन डॉ. राकेश तिवारी ने बताया कि ठंड की शुरुआत ज्यादा खतरनाक साबित होती है। इसमें लोग कपड़े पहनने व बचाव करने में लापरवाही बरतते हैं, जिससे बीमार पड़ जाते हैं। सांस के मरीजों को सुबह व शाम को बाहर निकलने से बचना चाहिए। ज्यादा जरूरी होने पर इनहेलर व दवाएं साथ लेकर निकलें। बुजुर्ग सुबह के समय बाहर टहलने से बचें। गर्म पानी से स्नान करें तथा गर्म पानी का सेवन करें। हृदय संबंधी समस्या होने पर तत्काल डॉक्टर से परामर्श लें। ठंड के मौसम में सांस व दिल, किडनी के मरीजों को विशेष देखभाल की जरूरत है।