गोंडा। विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में डीएम नेहा शर्मा ने स्वच्छता को लेकर नई मुहिम शुरू की है। इसके तहत पहली जून से 15 जून तक स्वच्छ वार्ड प्रतिस्पर्धा का आयोजन किया जा रहा है। इसमें जिले के सभी नगर निकायों के 173 वार्डों के लोग हिस्सा लेंगे। प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले वार्डों को क्रमशः आठ लाख, छह लाख एवं चार लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी, जिसे वार्ड के विकास कार्यों में व्यय किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, चयनित वार्डों के सभासद और सफाई नायक को भी उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा। यह पहल न केवल वार्डों की साफ-सफाई और व्यवस्था को बेहतर बनाएगी, बल्कि फ्रंटलाइन सफाईकर्मियों और जनप्रतिनिधियों का मनोबल भी बढ़ेगा।
प्रतिस्पर्धा के दौरान 15 व 16 जून को जिला स्तरीय निरीक्षण टीमें वार्डों का स्थलीय निरीक्षण करेंगी। इसके पश्चात प्रतियोगिता समाप्त होने के 10 दिन बाद पुनः निरीक्षण किया जाएगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि स्वच्छता अभियान केवल अस्थायी न रहकर नियमित व्यवस्था का अंग बने। डीएम नेहा शर्मा ने सभी अधिशासी अधिकारियों को इसके लिए जिम्मेदारी सौंपी है।
प्रतिस्पर्धा में चयन के मानक
-वार्डों में प्रतिबंधित पॉलीथीन का उपयोग न हो।
-नालों की नियमित सफाई, ठोस अपशिष्ट व पॉलीथीन रहित स्थिति।
-90 से 100 प्रतिशत घरों में डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण।
-गीले और सूखे कचरे का पृथक्करण (हरे व नीले डस्टबिन में)।
-कम से कम 10 प्रतिशत घरों में होम कम्पोस्टिंग।
-सामुदायिक व पिंक शौचालयों की सफाई, व्यवस्था और क्रियाशीलता।
- दो पालियों में सफाई व्यवस्था और गलियों की स्वच्छता।
- टोल फ्री नंबर 1533 और 14420 की जानकारी नागरिकों को उपलब्ध व सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शित होना।
- सजावटी नवाचार जैसे सेल्फी पॉइंट, वेस्ट टू वंडर, चौराहों का सुंदरीकरण आदि।