गोंडा। शहर में जाम की समस्या दिनोंदिन गंभीर होती जा रही है। दफ्तर जाने वाले कर्मचारी समय पर नहीं पहुंच पा रहे, तो स्कूली बच्चों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जाम से निपटने के लिए प्रशासनिक स्तर पर दावे तो किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात जस के तस हैं।
रोडवेज बस स्टेशन के पास गोंडा-बहराइच मार्ग पर मंगलवार दोपहर लंबा जाम लग गया। वाहन रेंगते और राहगीर परेशान दिखे। आजाद नगर निवासी डॉ. देवेंद्र अपने बच्चे को स्कूल से लेकर लौट रहे थे। उन्होंने कहा कि इस मार्ग पर जाम की समस्या अब आम बात है। हर दूसरे दिन यही हाल रहता है। जाम लगने से समय और ईंधन की बर्बादी हो रही है।
प्रतिमा ने कहा कि शहर के भीतर बस स्टेशन होने के कारण बसों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे यातायात बाधित होता है। राजन ने सवाल उठाया कि जब पास में पुलिस चौकी है, तब भी व्यवस्था सुचारु क्यों नहीं हो पा रही है।
उधर, गोंडा-बलरामपुर मार्ग पर दुखहरणनाथ मंदिर के समीप भी मंगलवार दोपहर लोग जाम से जूझते दिखे। जाम में फंसे पंकज ने कहा कि इस मार्ग पर अनियोजित यातायात प्रबंधन के कारण स्थिति और खराब हो रही है। कहा कि समाधान के नाम पर सिर्फ कागजी कवायद होती है। शेषमणि त्रिपाठी ने कहा कि जाम की समस्या के स्थायी समाधान के लिए ठोस योजना बनाकर अमल की जरूरत है।
सिटी मजिस्ट्रेट पंकज वर्मा का कहना है कि जाम की समस्या के समाधान के लिए नगर पालिका व यातायात पुलिस के अधिकारियों से बात की जा रही है। ठोस रणनीति बनाकर समस्या का समाधान कराया जाएगा।
अतिक्रमण हटे बिना नहीं सुलझेगी समस्या
- व्यापारी नेता आदित्य पाल का कहना है कि जब तक ईमानदारी से अतिक्रमण नहीं हटाया जाएगा, तब तक जाम की समस्या का समाधान संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि कई मार्गों पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई सिर्फ औपचारिकता बनकर रह जाती है।
- सेवानिवृत्त कर्मचारी केबी सिंह का कहना है कि सरकारी तंत्र को सबसे पहले यह समझना चाहिए कि जाम कहां-कहां लगता है। इसके पीछे कारण क्या है। इसके बाद निराकरण का प्लान बनाया जाए, ताकि समस्या का स्थायी समाधान हो सके।
शहर में मंगलवार को स्टेशन रोड व बस स्टेशन के पास लगा जाम। -संवाद