मुजेहना (गोंडा)। बेसहूपुर ग्राम पंचायत में 66 लाख रुपये के गोलमाल में कार्रवाई के लिए ग्राम पंचायत के ही एक व्यक्ति ने सरकारी धन के दुरुपयोग पर आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी गोंडा की कोर्ट में अर्जी दी है। न्यायालय ने 156/3 के तहत दिए गए प्रार्थनापत्र पर सुनवाई करते हुए जिलाधिकारी गोंडा से 15 दिन के अंदर आख्या तलब की है।
मुजेहना ब्लॉक की शायद ही कोई ग्राम पंचायत हो जो भ्रष्टाचार से अछूती हो। क्षेत्र की ग्राम पंचायत नव्वागांव के विरुद्ध तो थाने में भ्रष्टाचार की प्राथमिकी दर्ज कराकर भी आगे की कार्रवाई रोक दी गई। नतीजतन अपराध पर नियंत्रण के बजाय भ्रष्टाचार बढ़ता ही गया।
ग्राम पंचायत बेसहूपुर के छह से अधिक लोगों ने ग्राम पंचायत अध्यक्ष, संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों के विरुद्ध स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण के लिए मिलने वाली प्रोत्साहन राशि, पशु शेड आवंटन तथा मनरेगा के विकास कार्यों में 66 लाख रुपये के गोलमाल की शिकायत जिले, मंडल व प्रदेश के उच्चाधिकारियों से छह अगस्त 2020 को ही की थी।
24 अगस्त 2020 को बीडीओ मुजेहना शेरबहादुर सिंह व एडीओ आईएसबी सीतापति राम मिश्र जांच के लिए गांव भी गए थे। मगर उन्होंने न तो शिकायत कर्ताओं को ही संतुष्ट किया और न ही अब तक जांच रिपोर्ट की जानकारी ही दी।
शिकायत के दो महीने से अधिक समय बीतने के बाद भी जांच अधिकारियों द्वारा कोई कार्रवाई नहीं करने पर बेसहूपुर गांव के देवी प्रसाद ने मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी गोंडा के यहां 156/3 के तहत प्रार्थनापत्र देकर बीडीओ मुुजेहना, ग्राम विकास अधिकारी तथा रोजगार सेवक के विरुद्ध संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग की। जिस पर सुनवाई करते हुए सीजेएम गोंडा ने जिलाधिकारी को आदेश देकर 15 दिन के भीतर आख्या तलब की है।