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पूरे दिन जाम से जूझे शहरवासी

Mon, 19 Sep 2016 11:58 PM IST
अमर उजाला/गोंडा
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जाम में फंसे नागरिक - फोटो : अमर उजाला
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कर्मचारियों की हड़ताल से सोमवार को एक तरफ जहां पूरे दिन स्वास्थ्य सहित अन्य सरकारी विभागों का कामकाज पूरी तरह से अस्त-व्यस्त रहा तो वहीं दूसरी ओर लेखपाल सहित विभिन्न संगठनों की हड़ताल का असर शहर की सड़कों पर भी जाम के रूप में नजर आया।
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शहर में पूरे दिन लोग जाम की समस्या से जूझते रहे। हड़ताल के चलते जहां जिला अस्पताल आए मरीजों को दवा के लिए घंटों लाइन में खड़े रहना पड़ा तो वहीं राजकीय वाहन चालक संघ की एक दिवसीय हड़ताल से सरकारी दफ्तरों में तैनात अधिकारियों यहां तक कि डीएम से लेकर सीडीओ, सीएमओ व सीएमएस को पूरे दिन पैदल रहना पड़ा।

एनआरएचएम के तहत जिले में काम करने वाली करीब एक हजार आशा बहुओं की भीड़ ने सोमवार को सीएमओ का उनके कार्यालय में घुसकर घेराव किया। आशा बहुओं ने यहां करीब एक घंटे तक जिंदाबाद-मुर्दाबाद के नारे लगाए और इसके बाद  सीएमओ कार्यालय में घुस गईं। जहां उनकी करीब दो घंटे तक सीएमओ से बंद कमरे में वार्ता हुई।
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इस दौरान बाकी आशा बहुएं सीएमओ कार्यालय को चारो ओर से घेरकर तब तक वहां बैठी रहीं। जब तक कि सीएमओ के कार्यालय में वार्ता के लिए गया आशा बहुओं का प्रतिनिधिमंडल वापस नहीं आ गया। उधर, जिले में बीते 18 दिनों से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर कलमबंद हड़ताल पर हैं।

इससे आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन पूरी तरह से पटरी से उतरा हुआ है। यहां तक कि कुपोषण के शिकार बच्चों को आंगनबाड़ी केन्द्रों से भूखे पेट लौटना पड़ रहा है। सोमवार को आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने जिला मुख्यालय से लेकर जिले के अलग-अलग ब्लाकों में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया।

लगातार चल रहे आंदोलन के 28वें दिन सोमवार को लेखपालों ने पूरे शहर में मोटरसाइकिल रैली निकाली। इस दौरान डेढ़ हजार से ऊपर लेखपालों का हुजूम जिधर भी गया। उधर जाम जैसे हालात पैदा हो गए। सिर पर अपनी मांगों से संबंधित सफेद टोपी लगाए लेखपालों ने सरकार के खिलाफ अपनी मांगों को पूरा कराने की हुंकार भरी।

जिलामंत्री राजबहादुर पांडेय का कहना है कि मंगलवार से 11-11 लेखपाल 24 घंटे का क्रमिक अनशन करेंगे। उन्होंने कहा है कि अगर 25 सितंबर तक शासन स्तर से उनकी मांगों को लेकर शासनादेश जारी नहीं किया गया तो प्रदेश कार्यसमिति के साथ हजारों लेखपाल 26 सितंबर से लखनऊ में आमरण अनशन पर बैठ जाएंगे। 

सोमवार को डिप्लोमा फार्मासिस्टों की हड़ताल से जिला अस्पताल सहित जिले की सभी 16 सीएचसी-पीएचसी आए मरीजों को दवा के लिए घंटों लाइन लगाए खड़े रहना पड़ा।  सुबह दो घंटे की इस हड़ताल का असर सोमवार को कुछ ऐसा रहा कि जिला अस्पताल में दोपहर दो बजे दवा काउंटर के बाहर दर्जनों मरीज दवाई का पर्चा लिए धूप में खड़े दिखाई दिए। वहीं फार्मासिस्टों की मांगे पूरी न होने से मंगलवार को उनका आंदोलन और उग्र हो जाएगा। 
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