सोमवार को हुई बारिश से शहर में हुआ जलभराव। संवाद
गोंडा। करीब चार घंटे तक हुई झमाझम बारिश ने सोमवार को शहर की बदहाल जलनिकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। 57.5 मिलीमीटर बारिश के बाद शहर की प्रमुख कॉलोनियां और सड़कें जलभराव से कराह उठीं। कहीं घुटनों तक पानी भरा तो कहीं नालियों का गंदा पानी घरों और दुकानों में घुस गया। हालात ऐसे रहे कि लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया। स्कूली बच्चे भी गंदे पानी से होकर गुजरने को मजबूर दिखाई दिए।
सोमवार सुबह नौ बजे से दोपहर एक बजे तक झमाझम बारिश हुई। आपदा विशेषज्ञ राजेश श्रीवास्तव के अनुसार करीब 57.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके बाद विष्णुपुरी कॉलोनी जाने वाले रास्ते पर घुटनों तक पानी भर गया। पटेलनगर ईदगाह के सामने भी घुटनों से ऊपर पानी भरा रहा। जलभराव के कारण दोपहिया वाहन चालकों को सबसे ज्यादा परेशानी हुई। कई वाहन पानी में बंद हो गए। सड़क और नालियों का गंदा पानी कई घरों व दुकानों में घुसने से लोगों को सामान बचाने के लिए जूझना पड़ा।
बारिश में नाला निर्माण ने बढ़ाई मुसीबत
शहर की जलनिकासी व्यवस्था सुधारने के लिए नाला निर्माण शुरू कराया गया है। बरसात में निर्माण कार्य से कई जगह सड़कें और रास्ते खोद दिए गए हैं। निर्माणाधीन नालों और अधूरे काम के चलते पानी की निकासी का रास्ता बाधित हो गया है। पटेलनगर निवासी असगर अली ने बताया कि नाला निर्माण के लिए जगह-जगह सड़कें खोद दी गई हैं। बारिश के दौरान इन स्थानों पर जलनिकासी की वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने से समस्या और बढ़ गई। निर्माण कार्य बारिश से पहले पूरा हो जाता तो लोगों को इस तरह परेशानी नहीं उठानी पड़ती। गायत्री पुरम निवासी सरिता तिवारी ने बताया कि बारिश का पानी कई लोगों के घरों में घुस गया है। घरेलू सामान बचाने के लिए लोगों को मशक्कत करनी पड़ी। दुकानदारों को भी सामान खराब होने की चिंता सताती रही। वहीं, राहगीरों को गंदे पानी से होकर निकलना पड़ा।
सोमवार को हुई बारिश से शहर में हुआ जलभराव। संवाद
सोमवार को हुई बारिश से शहर में हुआ जलभराव। संवाद