बलरामपुर। सरकार की तमाम कोशिशों के बावजूद ग्रामीण क्षेत्र के स्वास्थ्य इकाइयों की कार्यप्रणाली में सुधार नहीं हो पा रहा है। सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों की लापरवाही के चलते हेल्थ वेलनेस सेंटरों का संचालन प्रभावित हो रहा है।
जिले के 10 से अधिक हेल्थ वेलनेस सेंटरों पर महीनों से सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी गायब हैं। निरीक्षण में इस बात का खुलासा होने पर सीएमओ ने नोटिस भेजा है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर सेवा समाप्ति की कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में 200 से अधिक हेल्थ वेलनेस सेंटर हैं। इन सेंटरों पर सीएचओ की तैनाती की गई है। हेल्थ वेलनेस सेंटरों पर बुखार, पेट दर्द व सर्दी जुकाम जैसी बीमारी होने पर मरीजों का इलाज सीएचओ करते हैं। यहीं पर एएनएम बच्चों एवं गर्भवती का टीकाकरण भी करती हैं।
बीते दिनों अधिकारियों ने निरीक्षण किया तो 10 हेल्थ वेलनेस सेंटरों पर कई महीनों से सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी बिना सूचना के गायब मिले।
एसीएमओ डॉ. बीपी सिंह ने बताया कि बिना सूचना के गायब रहने वाले सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी दिनेश कुमार, रामलाल जाट, स्पंदना यादव, राधेश्याम सैनी, नरेंद्र कुमार, रश्मि, सुमित्रा यादव, नेहा सिंह, मंजू व दीपक शर्मा को नोटिस भेजा गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर इनकी सेवा समाप्त की जाएगी।