गोंडा। ठिठुरन और गलनभरी ठंड से बच्चों की जान पर आफत बन आई है। ठंड के कारण बच्चे निमोनिया, कोल्ड डायरिया, सांस की बीमारी से पीड़ित हैं। सोमवार को डायरिया से एक बच्चे की इलाज के दौरान मौत हो गई है, वहीं जिला अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड में गंभीर होने पर आठ बच्चों को भर्ती किया गया है। इसके अलावा जिले में 300 से अधिक बच्चे ठंड में होने वाली बीमारियों से पीड़ित हैं, जिनका इलाज जिला अस्पताल के साथ ही निजी चिकित्सकों के यहां हो रहा है। ठंड के प्रकोप से बचाने के लिए प्रशासन ने रैन बसेरों को शुरू किया है और अलाव जलाने का प्रबंध किया गया है। स्वास्थ्य विभाग को भी एलर्ट कर दिया है।
सुबह कोहरे के साथ ही पछुवा हवाओं के चलने से मौसम में गलन व ठिठुरन बढ़ी हुई है। स्थिति यह है कि दिन में धूप का भी कोई असर नहीं होता है। इससे पूरे दिन ठंड का कहर रहता है। थोड़ी चूक से बच्चे प्रभावित हो जा रहे हैं और उन्हें ठंड में होने वाले रोग जकड़ ले रहे हैं। कौंड़िया थाना क्षेत्र के उसरैना गांव निवासी राम भुलावन ने अपने 8 वर्षीय पुत्र राम आशीष को डायरिया से पीड़ित होने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। इलाज के दौरान बच्चे की मौत हो गई। इसके अलावा जिला अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड में बीमारी के गंभीर होने पर 8 बच्चों को भर्ती कराया गया है।
इसके अलावा बीते शनिवार को ही जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञों ने 74 बच्चों का इलाज किया है। उधर निजी चिकित्सकों के यहां हर दिन 100 से अधिक बच्चे इलाज के लिए आ रहे हैं। कई अस्पतालों में 300 से अधिक बच्चों का इलाज हो रहा है। जिला अस्पताल में भी हर दिन 100 बच्चे इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। जिला अस्पताल में चार बाल रोग विशेषज्ञ हैं, ऐसे में समुचित इलाज हो जा रहा है। माना जा रहा है ठंड बढ़ने के साथ ही बच्चों के साथ एहतियात बरतने की जरूरत है। बच्चों को डायरिया, निमोनिया, कोल्ड डायरिया के साथ ही फेफडे़ की बीमारी से सांस फूलने जैसी परेशानी बढ़ रही है। इसी तरह बुजुर्गों में भी बीमारी बढ़ रही है और अस्थमा, दमा के साथ ही हार्ट अटैक जैसी बीमारी का खतरा बढ़ा है। लोगों को ठंड से बचाव के लिए सजग रहने की जरूरत है।
स्वास्थ्य विभाग सतर्क, चिकित्सक इलाज में जुटे
जिला अस्पताल में बच्चों को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। चिल्ड्रेन वार्ड में पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आरएस गुप्ता व डॉ. बीसी गुप्त ने बताया कि बच्चों को पूरी सुविधा दी जा रही है। दवाओं की व्यवस्था भी है और नियमित इलाज किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि हर दिन बच्चे आ रहे हैं, गंभीर होने पर चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती कर लिया जा रहा है। इलाज में कहीं से कोई कोताही नहीं बरती जा रही है। 8 बच्चे भर्ती हैं, पूरा इलाज किया जा रहा है। अभिभावकों से अपील की कि बच्चों के साथ ऐहतियात बरतें हैं और नंगे पैर न रखें। साथ ही खान पान में सतर्कता बरतें।
ठंड बरकरार, स्कूल खोलने के लिए आदेश जारी
ठंड से बच्चों की बीमारी से बेपरवाह बेसिक शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों को मंगलवार से सुबह 10 बजे से 3 बजे तक खोलने का आदेश दे दिया है। बीएसए मनिराम सिंह ने बताया कि छुट्टी नहीं बढ़ी है, ऐसे में पूर्व की भांति स्कूल खोले जाएंगे। वहीं आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों के लिए अभी तक कोई छुट्टी नहीं हो रही है। सोमवार को दोपहर में हल्की सी धूप निकलने से स्कूलों को खोल दिया गया है। माना जा रहा है कि विभाग को किसी बड़े हादसे का इंतजार है।
ठंड से बचाव के लिए अलावा जलवाने के साथ ही स्वयं सेवी संस्थाओं के माध्यम से कम्बल वितरण कराया जा रहा है। रैन बसेरों में सुविधा बढ़ाई गई हैं, स्वास्थ्य विभाग सर्तक है। -आरआर प्रजापति, एडीएम