एक तरफ परिषदीय स्कूलों को कान्वेंट स्कूलों की तर्ज पर संचालित करने के लिए सरकार प्रयास कर रही है। दूसरी तरफ, उदासीन अधिकारियों के कारण कई स्कूलों में बच्चों के लिए न पेयजल है और न ही बैठने की व्यवस्था।
प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले नौनिहालो को जहां सरकार सारी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कटिबद्ध है वही अधिकारियों की लापरवाही के चलते इन विद्यालयो में अव्यवस्था का बोलबाला है। न पीने के लिए पानी है और न ही बैठने के लिए कुर्सी मेज। यहां तक कि शौचालय न होने से भी काफी दिक्कतें उठानी पड़ रही है।
कुर्सी न पानी, यही परिषदीय स्कूलों की कहानी
प्राथमिक विद्यालय बनकसिया शिवरतन सिंह में कुल 101 छात्र-छात्राए पंजीकृत हैं। लेकिन विद्यालय में लगा हैंडपंप पिछले मार्च से खराब है। प्रधानाध्यापक गंगाराम वर्मा का कहना है कि हैंडपंप खराब होने से बच्चों को गांव से करीब आधा किलोमीटर दूर पानी पीने के लिए जाना पड़ता है। कई बार हैंडपंप को ठीक कराने के लिए शिकायत की गई लेकिन हैंडपंप ठीक नही हो सका। यहां पानी को लेकर कई बार छात्र, शिक्षक व अभिभावक आक्रोश जता चुके हैं लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हो रही है। बच्चों के बैठने के लिए कुर्सी नहीं है।
शिकायत के बाद भी सुनवाई नहीं
पूर्व माध्यमिक विद्यालय सेखुई कला मे 130 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इंडिया मार्का हैंडपंप की खराबी के चलते बच्चे पानी पीने के लिए दूर गांव जाते है। विद्यालय के प्रधानाध्यापक कृष्ण कुमार कनौजिया ने बताया कि पिछले सत्र में ही हैंडपंप खराब हो गया था तब से कई बार इसकी लिखित शिकायत की गई लेकिन अब तक इसे ठीक नही कराया गया।
शिक्षकों के लिए भी नहीं कुर्सी
परसपुर शिक्षा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय रामहेत पुरवा लोहंगपुर में अध्यापकों के बैठने के लिए कुर्सी मेज नहीं है। बच्चों के लिए टाट-पट्टी तक नहीं है। विद्यालय भवन में टॉयलेट, किचन शेड तथा बाउंड्रीवाल भी नहीं है। बच्चों के पानी पीने के लिए लगाया गया इंडिया मार्का टू हैंडपंप का चबूतरा तक धंस गया है। आज भी विद्यालय भवन में खिड़की दरवाजा तक नहीं लगवाये गए है। यहां 33 बच्चों के नामांकन की जगह मात्र 10 बच्चे ही शिक्षा ग्रहण कर रहे है। अध्यापक जिलाजीत वर्मा ने बताया कि बच्चों को जमीन पर बैठा देते हैं और फिर वह खड़े होकर पढ़ाते हैं।
खंड शिक्षा अधिकारी परसपुर रामराज ने कहा कि विद्यालय का मुआयना किया जाएगा। अगर कोई कमी है तो उसे दुरुस्त करवाएंगे। बीएसए ने भी कहा है कि जिन विद्यालयों में अव्यवस्था है, वहां निरीक्षण कराकर खामियां ठीक कराई जाएंगी।