सुहागिनों की मनोकामना पूरी करने वाला डाला छठ पर्व सोमवार से शुरू हो रहा है। सोमवार को व्रत रखने वाली महिलाएं व पुरुष लौकी की सब्जी व मीठा चावल एक समय ग्रहण करेंगे।
अगले दिन मंगलवार को निर्जला व्रत रहकर महिलाएं व पुरुष नदी, पोखरों व तालाब के घाट पर पहुंचकर पानी में खड़े होकर अस्त होते हुए सूर्य देव को अर्घ्य देकर उनकी उपासना करेंगे।
यहां से वापस घर आकर आंगन में गन्ने के बीच में दीपक जलाकर छठ माता की पूजा व आराधना करेंगे। उसके बाद बिस्तर नहीं, बल्कि घर की फर्श पर रात गुजारेंगे।
बुधवार की भोर में घाट पर पहुंचकर भगवान सूर्य के उदय होते ही दूध का अर्घ्य देकर पूजा का समापन करेंगे। 48 घंटे तक चलने वाले इस निर्जला व्रत में पति की दीर्घायु होने की कामना करती हैं। साथ ही संतान सुख सहित अन्य मनोकामनाएं पूर्ण होने के लिए सूर्य भगवान से आराधना करेंगी।
शहर के खैरा मंदिर पोखरा व पुलिस लाइंस के तालाब में पूजा के लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं। रविवार को खैरा पोखरे की सफाई की गई।
यहां दो दिन पहले से ही श्रद्धालुओं ने पूजन के लिए स्थान चिह्नित कर लिए हैं। इसी तरह पुलिस लाइन में भी तैयारियां की गई हैं।