कटरा बाजार (गोंडा)। स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्त्री रोग विशेषज्ञ चिकित्सक की कुर्सी खाली है। ऐसे में क्षेत्र की महिलाओं को इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है। इतना ही नहीं लैब टेक्नीशियन की जगह सुपरवाइजर से खून की जांच कराई जा रही है। अस्पताल के शौचालय में ताला लटक रहा है, इस कारण मरीजों को खुले में शौच जाना पड़ता है। इन समस्याओं पर कोई उच्चाधिकारी ध्यान नहीं दे रहा है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, कटरा बाजार में अव्यवस्थाओं का बोलबाला है। डॉक्टरों व संसाधनों की कमी से मरीजों को भटकना पड़ रहा है। महिलाओं के इलाज के लिए स्त्री रोग विशेषज्ञ चिकित्सक की कुर्सी खाली पड़ी है। दंत रोग विशेषज्ञ चिकित्सक की नियुक्ति नहीं है। अस्पताल में खून की जांच करार्ने आइं लक्ष्मी व शिवदेवी ने बताया कि खून की जांच लैब टेक्नीशियन की जगह कोई सुपरवाइजर कर रहा है।
शौचालय में ताला लगे होने से मरीजों व तीमारदारों को शौच के लिए बाहर जाना खुले में जाना पड़ रहा है। शनिवार को उड़िला गांव से आए शिवराम, रीना देवी, रितेश रस्तोगी, रणविजय आदि ने बताया कि यहां आंखों की जांच कराने के बाद महीनों तक चश्मा नहीं दिया जाता है। मरीजों का कहना है कि अधिकतर दवाएं बाहर की ही लिखी जाती हैं।
सीएचसी पर रात नहीं रुकते डॉक्टर
जिलाधिकारी के बार-बार निर्देश के बावजूद अधीक्षक व डॉक्टर स्थानीय सीएचसी पर रात्रि निवास नहीं कर रहे हैं। रात में बीमार होने पर मरीजों को निजी अस्पताल में इलाज कराना पड़ रहा है। रात में सीएचसी पर बिजली आपूर्ति बाधित होते ही अंधेरा छा जाता है। अस्पताल में जेनरेटर तो है लेकिन कई माह से खराब पड़ा है।
व्यवस्थाएं दुरुस्त की जाएंगी
सीएचसी पर डॉक्टरों की तैनाती की मांग की गई है। दंत रोग विशेषज्ञ डॉक्टर की नियुक्ति हो चुकी है। स्त्री रोग विशेषज्ञ के लिए पत्र लिखा गया है। जेनरेटर को सही कराया जा रहा है। अन्य व्यवस्थाएं दुरुस्त की जाएंगी। डॉ. अमित चौधरी, सीएचसी अधीक्षक