गोंडा। मौसम में अचानक आए बदलाव से जहां ठंड में इजाफा हुआ है, वहीं सांस और दमा से पीड़ित मरीजों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। सुबह-शाम लग रही ठंड और दिन में हल्की धूप के कारण तापमान में उतार-चढ़ाव हो रहा है। ऐसे में एलर्जी, खांसी, जुकाम और सांस की समस्या वाले रोगियों की संख्या अस्पतालों में बढ़ने लगी है।
पिछले तीन दिनों तक जिले में रुक-रुककर बारिश हुई। ठंड हवा चलने के कारण तापमान कम हो गया। तापमान गिरने का असर दिखाई देने लगा है। बाबू ईश्वर शरण चिकित्सालय में पिछले कुछ दिनों से सांस की तकलीफ, खांसी और अस्थमा के मरीज बढ़े हैं। डॉक्टरों के अनुसार मौसम में नमी और तापमान में गिरावट के चलते पुरानी सांस संबंधी बीमारियों वाले मरीज सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। शनिवार को ओपीडी में करीब 50 मरीज सांस की समस्या लेकर डॉक्टरों के पास पहुंचे। अस्पताल के सीएमएस डॉ. अनिल तिवारी का कहना है कि मौसम बदलने पर वायरल संक्रमण और सांस की समस्या आम है। दमा और एलर्जी वाले मरीज धूल, ठंडी हवा और धुएं से बचें। गर्म पानी का सेवन करें। उन्होंने बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी।