गोंडा। मेडिकल कॉलेज के 200 बेड वाले हॉस्पिटल ब्लॉक में दलालों व बेवजह घूमने वालों को अब प्रवेश नहीं मिलेगा। बृहस्पतिवार को गेट पर चार सुरक्षाकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई, जो मरीज का ओपीडी परचा देखकर ही प्रवेश दे रहे थे। जिनके पास ओपीडी का परचा नहीं था, उन्हें प्रवेश नहीं दिया गया। बुजुर्ग व अधिक बीमार मरीजों के साथ एक तीमारदार को प्रवेश दिया गया। अगले सप्ताह तक विजिटर पास जारी करने की व्यवस्था की जा रही है।
मेडिकल कॉलेज में अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग में ओपीडी से लेकर ओटी तक दलालों का जमावड़ा रहता है। कई बार शिकायत होने के बावजूद दलालों पर अंकुश नहीं लगाया जा सका। अब एक अक्तूबर से 200 बेड की नई बिल्डिंग में सर्जरी की दो ओपीडी शुरू हुई है। यहां अनावश्यक भीड़ को रोकने व मरीजों को बेहतर सेवाएं देने के लिए विजिटर पास की व्यवस्था शुरू करने की तैयारी चल रही है। इससे पहले शुक्रवार को ओपीडी का पर्चा देखकर ही मरीजों को प्रवेश दिया गया।
हॉस्पिटल प्रबंधक डॉ. रजनीश सिंह ने बताया कि मरीजों के लिए विजिटर पास जारी किया जाएगा। एक मरीज के साथ एक तीमारदार को ही पास दिया जाएगा, जो एक घंटे तक अस्पताल में रह सकेगा। परिसर में बेवजह घूमने वालों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। बाहर की जांच व दवाएं लिखने पर प्रतिबंध लगाया गया है। नई व्यवस्था से मरीजों को काफी सहूलियत मिलेगी।