गोंडा। सुबह-शाम ठंड से दिल व सांस के मरीजों की मुश्किलें बढ़ने लगी हैं। मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में दो दिन के भीतर हृदय व सांस के 16 मरीजों को भर्ती कराया गया है। वहीं, छात्र समेत तीन लोगों की हृदयगति रुकने से मौत हो गई।
दुबहा बाजार निवासी ओमप्रकाश सोनी का बड़ा पुत्र रचित सोनी (17) शुक्रवार को चौहान पुरवा स्थित निजी विद्यालय में पढ़ने गया था। शाम को वापस आने पर सीने में तेज दर्द होने लगा। आनन-फानन पीएचसी दुबहा बाजार ले जाया गया। जहां स्वास्थ्यकर्मियों ने रचित को मृत घोषित कर दिया। फार्मासिस्ट ने हृदयगति रुकने से मौत की पुष्टि की है। कटरा बाजार निवासी बाबूलाल यादव (65) को सीने में दर्द होने पर मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान शुक्रवार देर रात उनकी मौत हो गई। परसपुर के दशरथलाल तिवारी (75) को हृदयरोग की समस्या के चलते शुक्रवार सुबह 10 बजे मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। दोपहर बाद उनकी मौत हो गई। वहीं, शुक्रवार व शनिवार को हृदयरोग की समस्या व सांस के 16 मरीजों को भर्ती किया गया है।
बचाव के लिए यह करें
मेडिकल कॉलेज के स्टेमी केयर सेंटर के नोडल डॉ. रमेश पांडेय ने बताया कि ठंड के मौसम में बुजुर्गों, बच्चों और सांस के मरीजों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। बुजुर्ग सुबह ठंड में अचानक बाहर न निकलें। दिल की बीमारी से संबंधित दवाएं हमेशा अपने पास रखते हुए तय समय पर सेवन अवश्य करें। इस मौसम में हृदयरोगियों को उच्च कैलोरी वाले भोजन तथा शराब के सेवन से भी बचना चाहिए। गर्म पानी से ही स्नान करें और बुखार या गले में खराश होने पर तुरंत डॉक्टर की सलाह लें।
हृदयरोग के लक्षण
-सीने में दर्द व बेचैनी होना।
-सांस लेने में दिक्कत होना और पेट व जबड़े में दर्द होना।
-ठंड में भी ज्यादा पसीना आना, चक्कर व बेहोशी होना।
-त्वचा का पीला पड़ना व हल्का होना।
-हमेशा असामान्य थकान बनी रहना।