पचपेड़वा (बलरामपुर)। नेपाल सीमा से सटे गांव की गर्भवती महिलाओं की सुविधा के लिए सोमवार से स्थानीय सीएचसी में सिजेरियन की सेवा शुरू हो गई। सर्जन डॉ. संगीता पांडेय ने गर्भवती का ऑपरेशन कर सर्जरी सेवा की शुरूआत की। अब अस्पताल आने वालीं जटिल गर्भावस्था की महिलाओं का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ही ऑपरेशन कर सुरक्षित प्रसव कराया जाएगा। इन महिलाओं को सिजेरियन के लिए जिला अस्पताल नहीं जाना पड़ेगा।क्षेत्र के शंकरपुर कला गांव निवासी शोएब की पत्नी सुंदरी गंभीर हालत में सीएचसी पहुंची। अस्पताल प्रशासन ने बेहोशी वाले चिकित्सक डॉ. केएन पांडेय को मुख्यालय से बुलाया और दोपहर 1.48 बजे सर्जन ने ऑपरेशन कर मां व नवजात बच्ची की जान बचाई।
अधीक्षक डॉ. विजय कुमार ने बताया कि अब तक सीएचसी पर केवल सामान्य प्रसव (नार्मल डिलीवरी) की ही सुविधा थी। अब यहां सिजेरियन भी शुरू हो गया है। सीएचसी से प्रतिमाह रेफर की जाने वालीं 10 से अधिक गर्भवतियों का सीएचसी पर ही ऑपरेशन हो सकेगा। इस अवसर पर डॉ. गयासुद्दीन, डॉ. सुल्ताना, अखिलेश, दीपा व दीपक समेत अन्य लोग मौजूद रहे।