गोंडा में तो जिला पंचायत अध्यक्ष के नामांकन भरने के दिन ही डीएम ने कृषि मंत्री विनोद कुमार उर्फ पंडित की बहू श्रद्धा सिंह को जीत का प्रमाण पत्र सौंप दिया। जल्दबाजी इतनी थी कि नाम वापसी का इंतजार तक नहीं किया गया।
राज्य निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार यदि केवल एक प्रत्याशी ही चुनाव मैदान में है तो भी नामांकन वापसी के बाद ही उन्हें निर्वाचित घोषित किया जाता है।
नाम वापसी के दिन ही जीत का प्रमाण पत्र दिया जाता है। लेकिन गोंडा के डीएम अजय कुमार उपाध्याय ने नामांकन पत्रों के दाखिल होने के दिन ही इकलौते नामांकन पत्र की जांच के बाद श्रद्धा सिंह को जिला पंचायत अध्यक्ष निर्वाचित होने का प्रमाण पत्र जारी कर दिया।
डीएम अजय कुमार उपाध्याय कहते हैं कि नाम वापसी के बाद ही प्रमाण पत्र जारी किया जाता है। लेकिन यहां पर कोई अन्य उम्मीदवार नहीं थे।
जांच के बाद नामांकन पत्र सही पाया गया। इसलिए उन्हें प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया है। राज्य निर्वाचन आयुक्त एसके अग्रवाल कहते हैं कि सामान्यता नाम वापसी के बाद ही प्रमाण पत्र जारी करना चाहिए। गोंडा के मामले में डीएम से बात की जाएगी।