बीआरसी में बच्चों के दिव्यांगता की जांच करते चिकित्सक। स्रोत: विभाग
गोंडा। परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले दिव्यांग बच्चों को अब दिव्यांगता प्रमाणपत्र बनवाने के लिए सीएमओ कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन के निर्देश पर जिले के सभी 16 विकासखंडों के ब्लॉक संसाधन केंद्र (बीआरसी) में मेडिकल एसेसमेंट शिविर लगाए जा रहे हैं। इन शिविरों में 3,986 दिव्यांग बच्चों का दिव्यांगता प्रमाणपत्र बनाया जाएगा। अभियान 22 अगस्त तक चलेगा।
जिले में समेकित शिक्षा योजना के तहत 5,967 दिव्यांग छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। इनमें 1981 बच्चों के पास पहले से दिव्यांगता प्रमाणपत्र है, जबकि 3,986 बच्चे अभी इससे वंचित हैं। प्रमाणपत्र बनने के बाद पात्र बच्चों को शासन की विभिन्न योजनाओं और सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा। बीएसए अमित कुमार सिंह ने बताया कि निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सभी विकासखंडों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम मेडिकल एसेसमेंट कर दिव्यांगता प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया पूरी करेगी। इसके लिए सभी विकासखंडों में तिथि निर्धारित करके शिविरों का आयोजन कराया जाएगा।