गोंडा। भगवान विष्णु के तीसरे अवतार वाराह भगवान का जन्मोत्सव जिले में धूमधाम से मनाया गया। पसका के सूकरखेत स्थित भगवान वाराह की मूर्ति पर छप्पन भोग प्रसाद अर्पित किया गया। हवन-पूजन के बाद पुरोहित ने भगवान के वाराह अवतार की कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि भगवान का वाराह अवतार हिरणाक्ष नाम के राक्षस का वध करने के लिए हुआ था। भगवान के पूजन से भूमि, भवन आदि का सुख प्राप्त होता है। साधक में आत्मविश्वास बढ़ता है। घरों में भी भगवान वाराह का पूजन किया गया। काजीदेवर निवासी पंडित राकेश दत्त शास्त्री ने बताया कि भगवान को पुष्प, जल, मीठा, दही आदि अर्पित करने से मनोकामना पूरी होती है।