सावन कृपाल रुहानी मिशन के तत्वावधान में रविवार को महराज संत कृपाल सिंह का 12वां जन्मोत्सव सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ धूमधाम से मालवीयनगर में मनाया गया। संत कृपाल सिंह की जीवनी पर लखनऊ केंद्र से आए प्रचारक राजेंद्र चावला ने कहा कि संत कृपाल सिंह का जन्म 6 फरवरी 1884 में सईयद कसरां जिला रावलपिंडी पंजाब में हुआ था।
उन्होंने अपनी शिक्षा पेशावर में पूरी कर मिलेट्री इंजीनियरिंग में सेवा दी। 1924 में उनकी मुलाकात सावन सिंह महराज से हुई, जहां उन्होंने सोच लिया कि परमात्मा प्रथम और संसार बाद में, परमात्मा भक्ति में लग गए। उन्होंने कहा कि संत कृपाल सिंह जी प्रेम के महासागर हैं।
उन्होंने पूरे जीवन में सबसे प्यार करने का संदेश दिया। सत्संग के बाद बच्चों ने सांस्कृतिक व रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए। कार्यक्रम के समापन पर भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें तमाम श्रद्धालुओं व भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। यह जानकारी मीडिया प्रभारी मनोहरलाल बलेचा ने दिया।
इस मौके पर दीपक, कमल, जैकी, प्रेम, अनिल, हिमांशु, यश, सनी, बलजीत आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम में शामिल लोगों के प्रति मिशन के अध्यक्ष अनिल कालानी व सचिव अजय रायतानी ने आभार जताया।