दीपावली सुख, समृद्धि व खुशियों का त्योहार है। व्यंजन से लेकर मिठाइयों से स्वागत करने की रस्म तथा दीप जलाकर प्रकाश बिखरेने के इस त्योहार में कई तरह के संकल्प लिए जाते हैं। लेकिन बीते कई वर्षों में परंपराओं को तोड़ने तथा आधुनिकता ने कई परिवारों व समाज को तोड़ दिया है। गोले व पटाखों की गूंज ने किसी को बहरा कर दिया तो किसी को बीमारी दे दी।
दीपावली खुशियों का त्योहार है, ऐसे में सभी लोगों को पर्यावरण सुरक्षित रखते हुए किसी को कोई हानि न हो, इस तरह से त्योहार मनाया जाना चाहिए।
शहर के प्रमुख चिकित्सकों ने लोगों को बचाव की सलाह देते हुए कहा है कि खुशियों के इस पर्व को मनाते समय सावधानी बरतने की आवश्यकता है, ताकि मंगल के इस पर्व पर कोई अमंगल न हो।
पर्यावरणविदों, बुद्धिजीवियों व चिकित्सकों आदि ने भी लोगों से ग्रीन दिवाली मनाने का आह्वान किया है। पर्यावरण पर कार्य कर रहे भास्कर दीक्षित ने कहा कि इससे पूरा वातावरण दूषित हो जाता है और पशु, पक्षी सहित सभी को सांस लेने में दिक्कतें होती हैं।