गोंडा। जिले के मुख्य विकास अधिकारी आशीष कुमार का शासन से तबादला हो गया है। उन्हें आगरा में अपर आयुक्त के पद पर भेजा गया है। अपर जिलाधिकारी के पद से बीते माह रत्नाकर मिश्र के सेवानिवृत्ति के बाद से तैनाती ही नही हुई है। जिले के दो प्रमुख पदों पर अधिकारियों की तैनाती न होने से कामकाज प्रभावित है। सीडीओ आशीष कुमार के तबादले की खासी चर्चा है, वैसे माना जा रहा है कि वह पश्चिम में अपना स्थानांतरण चाह रहे थे। लेकिन विकास योजनाओं में धांधली का खुलासा करके चर्चा में रहने वाले सीडीओ के तबादले की चर्चा है।
बीते साल 2019 में फरवरी माह में सीडीओ आशीष कुमार की तैनाती जिले में हुई थी। इससे पहले भी आईएएस प्रशिक्षु के रुप में वह एसडीएम समेत विभिन्न पदों पर कार्य कर चुके थे। जिले के बारे में अनुभवी होने के कारण उनकी तैनाती से बड़े बदलाव के संकेत मिले थे। उन्होंने कार्यभार संभालने के बाद से ही मनरेगा योजना की समीक्षा तेज की तो कई बडे़ मामले सामने आए। 8 ब्लॉकों में 50 करोड़ से अधिक का अनियमित भुगतान होने का मामले में छह उपजिलाधिकारियों की अध्यक्षता में जांच कमेटी का गठन कराया। अभी यह जांच कमेटी जांच कर ही रही थी। इसके अलावा कई अन्य योजनाओं में सुधार के लिए कड़े कदम उठाए।
हाल ही में उन्होंने 52 करोड़ की एक योजना तैयार कराई, जिससे 1054 पंचायतों में खेल मैदान का निर्माण होना था। इसी तरह सरयू, मनवर, टेढ़ी व विसुही नदियों के जीर्णोद्धार का खाका भी खींचा था। योजना की शुरुआत टेढ़ी व मनवर नदियों से शुरू हो गई थी। चारो नदियों के लिए 100 करोड़ के करीब योजनाओं की शुरुआत नए साल में होनी थी। इससे करीब एक लाख श्रमिकों को सीधे रोजगार की उपलब्धता होती और नदियों को पिकनिक स्पाट की तर्ज पर तैयार किया जाता। फिलहाल इन योजनाओं का खाका खींचा जा चुका है। आगे नए अधिकारी के जिम्मे इन योजनाओं को बढ़ाने की होगी। अभी जिले में किसी की तैनाती नही हुई है।